सेवराई (गाजीपुर ) : तहसील क्षेत्र के नवली गांव निवासी और भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात 45 वर्षीय नसीम अंसारी को बुधवार को अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान जमानिया विधायक ओमप्रकाश सिंह सहित हजारो की संख्या में लोगो ने श्रंद्धाजलि दी। जवान का तिरंगे में लिपटा हुआ शव देखकर लोगो की आंखे नम हो गई।
गौरतलब हो कि सेना में तैनात नवली गांव निवासी नसीम अंसारी का पंजाब के फरीदकोट में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया। 39 बटालियन जिटीसी के जवानों के द्वारा सलामी देते हुए पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनका पार्थिव शरीर को पैतृक गांव नवली पहुंचने के साथ ही करुण क्रुन्दन में बदल गया। जिसके बाद ग्रामीणों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नम आंखों से विदाई दी।
मृतक के चाचा सगीर अंसारी ने बताया कि नसीम अंसारी भारतीय सेना की 110 मीडियम रेजिमेंट में हवलदार थे और वर्तमान में 372 आर्टिलरी ब्रिगेड में ईआरई (ERE) के तहत तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें हृदयाघात हुआ, जिससे उनका निधन हो गया। नसीम तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और वर्ष 2003 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनका छोटा भाई भी भारतीय सेना में झारखंड में तैनात है, जबकि मंझला भाई खेती-बाड़ी करता है। उनके पिता मनीर अंसारी गांव में ही रहते हैं।
निधन के बाद से ही पत्नी आसमा खातून समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जमशेद राईनी ने बताया कि नसीम अंसारी का पार्थिव शरीर देर रात पैतृक गांव पहुंचा इसके बाद बुधवार की सुबह भभसी डेरा में अबाई कब्रिस्तान में जनाजे का नमाज अदा करते हुए उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया।
