नौली गांव में पसरा मातम, देर रात तक पार्थिव शरीर पहुंचने की उम्मीद
गाजीपुर : सेवराई तहसील क्षेत्र के नौली गांव निवासी भारतीय सेना के हवलदार नसीम अंसारी (45) का पंजाब के फरीदकोट में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। सीने में अचानक दर्द उठने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। सेना के जवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, नौली गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार, सेना की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद नसीम अंसारी का पार्थिव शरीर सैन्य वाहन से उनके पैतृक गांव नौली के लिए रवाना कर दिया गया। देर रात तक पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना है। गांव के लोग अपने वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
नसीम अंसारी वर्ष 2003 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने 110 मीडियम रेजिमेंट में हवलदार के पद पर सेवाएं दी थीं। वर्तमान में वह 372 आर्टिलरी ब्रिगेड के ईआरई में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया।
तीन भाइयों में सबसे बड़े नसीम अंसारी के छोटे भाई भी भारतीय सेना में झारखंड में तैनात हैं, जबकि दूसरे भाई खेती-बाड़ी करते हैं। उनके पिता मनीर अंसारी गांव में ही रहते हैं। करीब 15 वर्ष पूर्व नसीम की शादी बिहार के भितिहरवा निवासी आसमा खातून से हुई थी। उनके परिवार में पत्नी के अलावा एक पुत्री और दो पुत्र हैं।
परिजनों ने बताया कि करीब दो माह पूर्व नसीम पारिवारिक समारोह में शामिल होने गांव आए थे। इसके बाद 28 मई को वह ड्यूटी पर लौट गए थे। ग्रामीणों के अनुसार, नसीम अंसारी बेहद सरल, मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ स्वभाव के थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंच गए और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। गांव में मातम का माहौल है और हर किसी की आंखें नम हैं।
