सेवराई (गाजीपुर) : पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुण्यतिथि बुधवार को सेवराई स्थित चंद्रशेखर स्मारक महाविद्यालय में श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी में वक्ताओं ने उनके सादगीपूर्ण जीवन, निर्भीक नेतृत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता तथा राष्ट्र निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार दुबे एवं अन्य अतिथियों ने चंद्रशेखर के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. अरविंद कुमार दुबे ने कहा कि चंद्रशेखर का सादगीपूर्ण जीवन, स्पष्टवादिता, निर्भीक नेतृत्व और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के प्रति उनका समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से उनके आदर्शों और लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने चंद्रशेखर के राजनीतिक जीवन, उनकी ऐतिहासिक भारत पदयात्रा, वैचारिक दृढ़ता और सामाजिक सरोकारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सिद्धांतों और जनसेवा की राजनीति के प्रतीक थे, जिनके विचार आज भी समाज और लोकतंत्र के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र-छात्राओं सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्र सेवा, सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्प लिया।
