
सेवराई (गाजीपुर) तहसील क्षेत्र के उसिया गांव में नौ मुहर्रम पर गम, अकीदत और एहतराम के साथ मातमी जुलूस निकाले गए। हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में आयोजित कार्यक्रमों में हजारों अकीदतमंदों ने शिरकत कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया। पूरे गांव में “या हुसैन” की सदाएं गूंजती रहीं और माहौल गमगीन बना रहा।
नौ मुहर्रम के अवसर पर जुलूसों में शामिल अंजुमनों ने नौहा-ख्वानी और सीना-जनी कर कर्बला के शहीदों को याद किया। अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए दी गई महान कुर्बानी बताते हुए उनके संदेश को अपनाने का संकल्प लिया।
उसिया में निकाले गए मुख्य जुलूस में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। जुलूस अपने पारंपरिक मार्गों से होकर गुजरा, जहां जगह-जगह सबील लगाकर राहगीरों और अकीदतमंदों को शर्बत व पानी वितरित किया गया। पूरे मार्ग पर शोक और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला।
धर्मगुरुओं ने अपने संबोधन में कहा कि कर्बला का संदेश हर दौर में इंसानियत, सब्र, त्याग और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने लोगों से हजरत इमाम हुसैन के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया।
मुहर्रम के मद्देनजर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। जुलूस मार्गों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार निगरानी करते रहे। सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए।
