नवी मुंबई: मुस्लाधार बारिश के बीच एल.पी. उड्डाणपुल के नीचे पानी में फंसी दो महाविद्यालयीन छात्राओं को विद्युत प्रवाह का गंभीर धक्का लगने के पांच दिन बाद अच्छी खबर आई है। दोनों लड़कियों की हालत पूरी तरह स्थिर हो गई है और उन्हें 9 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।1 जुलाई को नेरूल में भारी बारिश के दौरान 19 वर्षीय उज्ज्वला लक्ष्मण वाघ और 17 वर्षीय शुभांगी सुभाष बालखंडे महाविद्यालय से घर लौट रही थीं। उड्डाणपुल के नीचे पानी जमा होने के कारण वे उस रास्ते से गुजर रही थीं, तभी अचानक विद्युत करंट का जोरदार झटका लगा और दोनों रास्ते पर गिर पड़ीं।तत्काल मदद करने वाले वाहतूक पुलिसकर्मियों और एक रिक्शा चालक ने उन्हें डी.वाई. पाटिल अस्पताल पहुंचाया, जहां से आगे के उपचार के लिए वाशी के फोर्टिस हिरानंदानी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। दोनों को आईसीयू में रखकर पांच दिन तक सतर्क निगरानी में रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि विद्युत धक्के के बाद हृदय, किडनी और मांसपेशियों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता था, लेकिन समय पर सही उपचार और मॉनिटरिंग से सभी जटिलताएं टल गईं।
कार्रवाई शुरू : इस लापरवाही पर नेरूल पुलिस ने नवी मुंबई महानगर पालिका परिमंडल-2 के कार्यकारी अभियंता प्रवीण गाडे के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय करने में जुटी है।छुट्टी मिलने के बाद शुभांगी के पिता सुभाष बालखंडे ने रिक्शा चालक, वाहतूक पुलिस और चिकित्सकों का आभार जताया। उन्होंने कहा, “दोनों बच्चियां सही-सलामत घर लौट आई हैं, यही हमारे लिए सबसे बड़ी राहत है.
संदेश : बारिश के मौसम में पानी भरे इलाकों में सावधानी बरतना और बिजली के तारों के रखरखाव की जिम्मेदारी निभाना कितना जरूरी है, यह घटना फिर याद दिलाती रहेगी.
