AIMIM जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गाजीपुर : मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित या चल रही कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग को लेकर एआईएमआईएम के जिलाध्यक्ष अबुल जफर खान ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में कहा गया कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय केवल रामपुर ही नहीं, बल्कि देश की पहचान और गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विश्वविद्यालय को ध्वस्त किए जाने से शिक्षा के क्षेत्र को बड़ा नुकसान होने के साथ ही विद्यार्थियों के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
अबुल जफर खान ने कहा कि यह मामला केवल किसी भवन के ध्वस्तीकरण का नहीं, बल्कि शिक्षा, छात्रों और देश के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी शैक्षणिक संस्थानों को बचाने और विकसित करने की है, न कि बने-बनाए संस्थानों को ध्वस्त करने की।
ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए जिन भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार स्वीकृत कराने की प्रक्रिया अपनाए और विश्वविद्यालय को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए। साथ ही जौहर विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से जिलाधिकारी से अनुरोध किया गया कि इसे राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री तक प्रेषित किया जाए।
