मानसून पूर्व तैयारियों पर मंडराया संकट, सहायक अभियंताओं की कमी से विकास कार्य और शिकायत निवारण प्रभावित
मुंबई : बृहन्मुंबई महानगरपालिका एम-पूर्व इमारत एवं कारखाना विभाग में कार्यकारी अभियंता का पद पिछले एक महीने से रिक्त पड़ा हुआ है। विभाग का कार्यभार संभाल रहे कार्यकारी अभियंता संजय वाघमारे के तबादले के बाद नए नियुक्त अधिकारी ने अब तक पदभार ग्रहण नहीं किया है, जिससे विभागीय कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और स्थानीय नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, एम-पूर्व विभाग मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है। इस विभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में झुग्गी-बस्तियां, पुरानी इमारतें तथा औद्योगिक प्रतिष्ठान आते हैं, जिनकी नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए पर्याप्त अधिकारियों की आवश्यकता होती है। लेकिन कार्यकारी अभियंता का पद खाली होने के साथ-साथ विभाग में सहायक अभियंताओं की भी कमी बनी हुई है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अधिकारियों की कमी के कारण भवनों से संबंधित शिकायतों, अवैध निर्माणों, संरचनात्मक सुरक्षा निरीक्षणों तथा अन्य महत्वपूर्ण मामलों के निपटारे में देरी हो रही है। इससे आम जनता को बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
विशेष रूप से मानसून का मौसम नजदीक आने के कारण चिंता और बढ़ गई है। बारिश के दौरान जर्जर इमारतों का निरीक्षण, खतरनाक संरचनाओं की पहचान, आपातकालीन कार्रवाई तथा नागरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी मुख्य रूप से इमारत एवं कारखाना विभाग पर होती है। ऐसे समय में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति प्रशासनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है।
नागरिकों ने मनपा प्रशासन से मांग की है कि एम-पूर्व इमारत एवं कारखाना विभाग में जल्द से जल्द स्थायी कार्यकारी अभियंता की नियुक्ति की जाए तथा रिक्त पड़े सहायक अभियंता पदों को भी भरा जाए, ताकि विभागीय कार्यों में तेजी आए और मानसून के दौरान किसी भी संभावित संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
यदि समय रहते अधिकारियों की कमी पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में विभागीय कार्यों में और अधिक बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं तथा इसका सीधा असर लाखों नागरिकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर पड़ सकता है।
