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By.जावेद बिन अली
राजस्थान जयपुर : प्रथम बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद आदरणीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने कानून बनाकर पूरे भारत के कर्मचारियों की पुरानी पेंशन को समाप्त कर दिया । अब उस पुरानी पेंसिल दोबारा चालू करने के लिए न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लॉयीज फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के पुरानी पेंशन बहाल करने हेतु मुख्यमंत्री राजस्थान के नाम पोस्टकार्ड लिखने के प्रांत व्यापी आह्वान के तहत आज जिले में कई जगह मुख्यमंत्री के नाम पोस्टकार्ड लिखे गए।
न्यू पेंशन स्कीम एम्प्लाइज फेडेरेशन के सक्रिय कार्यकर्ता ज्ञानेंद्र सिंह ने सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण जारी करते हुए बताया कि देश में न्यू पेंशन स्कीम धारक सरकारी कर्मचारियों की संख्या 30 सितम्बर, 2020 तक बढ़कर 70 लाख 26 हज़ार 606 हो गयी है, जिसमे 21 लाख 29 हज़ार 927 केन्द्रीय कर्मचारियों सहित पश्चिम बंगाल जहाँ एन पी एस योजना नहीं लागू है ,को छोड़कर 29 राज्यों के राज्य कर्मचारियों की संख्या 48 लाख 96 हज़ार 679 हो गयी है।
फेडरेशन के नेताओं ने बताया कि इन सभी एन पी एस कार्मिकों की असुरक्षित शेयर बाज़ार में जमा कुल परिसम्पत्ति 4 लाख 10 हज़ार 866 करोड़ से भी ज्यादा हो गयी है । सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोरोना वैश्विक महामारी के कारण देश का सकल घरेलु उत्पाद वर्ष 2020-21 की प्रथम तिमाही में 35.35 लाख करोड़ से सिकुड़ कर 26.90 लाख करोड़ हो गया है ।
इन आंकड़ों से यदि एन पी एस कार्मिकों के शेयर बाज़ार में जमा कुल परिसम्पत्ति की तुलना की जाये तो यह देश के सकल घरेलु उत्पाद के 6.5 प्रतिशत से ज्यादा है जबकि देश में शिक्षा पर खर्च जी डी पी का मात्र 4.6 प्रतिशत ही खर्च होता है।
यदि सरकार नवीन पेंशन योजना को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू करते हुए एन पी एस कार्मिकों के धन को शेयर बाज़ार से हटाकर देश के विकास में काम लेवे तो कोरोना काल में देश के मूलभूत ढांचे के विकास के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध है
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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