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जौनपुर।उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ, भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के आह्वान पर आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण आंदोलन के तहत विद्युत क्षेत्र की समस्याओं और मांगों को लेकर एक ज्ञापन जिला अधिकारियों के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपा गया।इस आंदोलन का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना तथा ऊर्जा निगमों में व्याप्त समस्याओं का समाधान करना है। उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं:1. निजीकरण का प्रस्ताव रद्द किया जाए: पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को जनहित, बिजली उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए तत्काल वापस लिया जाए।2. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन: 25 जनवरी 2000 के समझौते के अनुरूप, ऊर्जा निगमों का एकीकरण कर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का पुनर्गठन किया जाए।3. पुरानी पेंशन योजना की बहाली: 14 जनवरी 2000 के बाद सेवा में आए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।4. रियायती बिजली सुविधा पर रोक समाप्त: बिजली कर्मचारियों को मिलने वाली रियायती बिजली सुविधा पर मीटर लगाने के आदेश तत्काल वापस लिए जाएं, जो त्रिपक्षीय समझौते का उल्लंघन है।5. मुकदमों और उत्पीड़न की कार्यवाही समाप्त: 19 मार्च 2023 के समझौते के अनुसार, बिजली कर्मचारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं और उत्पीड़न की कार्यवाहियां समाप्त की जाएं। साथ ही, संविदा कर्मियों के 40% पदों की कटौती बंद की जाए।6. परियोजनाओं का प्रबंधन सरकारी निगम को: ओबरा 'डी' (2x800 मेगावाट) और अनपरा 'ई' (2x800 मेगावाट) परियोजनाएं उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम को सौंपी जाएं।7. पारेषण में निजीकरण पर रोक: टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के नाम पर नई परियोजनाओं के निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाए।8. वैकल्पिक अटेंडेंस सिस्टम: फेशियल अटेंडेंस के स्थान पर वैकल्पिक अटेंडेंस सिस्टम लागू किया जाए।9. विनियमावली 2025 रद्द: उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड कार्मिक (अनुशासन एवं अपील) (पंचम संशोधन) विनियमावली 2025 को तत्काल वापस लिया जाए।10. नए पदों का सृजन और रिक्तियों की पूर्ति: नई विद्युत परियोजनाओं और उपकेंद्रों के लिए नए पद सृजित किए जाएं तथा सभी रिक्त पदों को पदोन्नति और सीधी भर्ती से भरा जाए।उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के महामंत्री श्री विवेक सिंह ने कहा, "यह आंदोलन न केवल बिजली कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है, बल्कि यह जनहित और ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमारी मांगें श्रमिकों की वास्तविक अपेक्षाओं और जनता की सेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।"संघ ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि वह इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करे और शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करे। साथ ही, संघ के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए आमंत्रित करने की मांग की गई है। इस अवसर पर श्री फूल चन्द्र भारती , रंजन यादव , पवन कुमार , प्रणव सिंह , कुलदीप यादव , ऋषि श्रीवास्तव , शैलेश श्रीवास्तव , पीयूष सिंह , विनोद यादव , आशीष यादव , उमेश कुमार आदि उपस्थित रहे
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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