कटरा गैंग की गतिविधियों पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप, डीआईजी के निर्देश पर विभागीय जांच शुरू
गाजीपुर : व्यापारी परिवार के युवा व्यवसायी विनीत राय हत्याकांड में पुलिस की भूमिका पर हुई प्रारंभिक जांच के बाद तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दीनदयाल पांडेय और हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई वाराणसी परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक वैभव कृष्ण के निर्देश पर की गई है।
जानकारी के अनुसार, 8 दिसंबर 2023 से चली आ रही आपसी रंजिश के क्रम में अष्टभुजी कॉलोनी निवासी युवा व्यवसायी विनीत राय की शंकर पांडेय, आलोक दुबे समेत अन्य आरोपियों ने कथित रूप से हत्या कर दी थी। मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।
विनीत राय के पिता आलोक राय ने 15 जुलाई 2026 को डीआईजी के समक्ष प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि घटना से पहले उन्होंने थाना कोतवाली पुलिस को कथित “कटरा गैंग” की गतिविधियों के संबंध में कई बार शिकायत और स्मरण पत्र दिए थे, लेकिन पुलिस ने उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका आरोप था कि पुलिस की कथित लापरवाही के कारण ही यह गंभीर घटना हुई।
डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी गाजीपुर को शिकायत और संलग्न अभिलेखों में उल्लिखित सभी बिंदुओं की प्रारंभिक जांच कराने के निर्देश दिए। अपर पुलिस अधीक्षक नगर की जांच में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय और उपनिरीक्षक चंद्रशंकर मिश्र को पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता का दोषी पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर 27 जुलाई को डीआईजी ने दोनों के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
