मुंबई : बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक रेस्तरां संचालक को बड़ी राहत देते हुए उसका खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से बहाल करने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि सभी कमियों को दूर कर 100% अनुपालन हासिल करने के बाद लाइसेंस का निलंबन जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
एफडीए/एफएसएसएआई अधिकारियों ने औचक निरीक्षण के दौरान कुछ कमियां पाए जाने पर रेस्तरां का लाइसेंस सशर्त रूप से निलंबित कर दिया था। इसके खिलाफ रेस्तरां संचालक ने अपील दायर की, जिस पर आयुक्त ने दोबारा निरीक्षण कराने का निर्देश दिया।
8 जुलाई 2026 को हुए पुनः निरीक्षण में रेस्तरां ने 112 में से 112 अंक (100% अनुपालन) प्राप्त किए। सरकार ने भी स्वीकार किया कि यह ऑटो-जनरेटेड निरीक्षण रिपोर्ट निर्विवाद है।
इन तथ्यों के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि लाइसेंस का निलंबन स्वतः समाप्त माना जाए, रेस्तरां का लाइसेंस तत्काल बहाल किया जाए तथा लंबित अपील का निस्तारण करते हुए आयुक्त औपचारिक आदेश जारी करें।
महत्व: यह फैसला स्पष्ट करता है कि यदि कोई खाद्य व्यवसाय सभी कमियों को समय पर दूर कर संतोषजनक पुनः निरीक्षण में पूर्ण अनुपालन प्राप्त कर लेता है, तो संबंधित अधिकारियों को बिना अनावश्यक देरी के उसका लाइसेंस बहाल करना चाहिए। यह निर्णय ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जाएगा।
