सिंचाई विभाग के खिलाफ नहर में उतरकर किया प्रदर्शन, धान की रोपाई पर संकट
सेवराई (गाजीपुर) : चौधरी चरण सिंह पंप नहर समेत क्षेत्र की नहरों, रजवाहों और माइनरों में पानी नहीं आने से नाराज किसानों ने बुधवार को सिंचाई विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने सूखी नहर में उतरकर नारेबाजी की और तत्काल पानी छोड़े जाने की मांग की। उनका कहना है कि बारिश की कमी के बीच नहरों में भी पानी नहीं मिलने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है और तैयार नर्सरी सूखने लगी है।
किसानों ने बताया कि जमानियां से निकली चौधरी चरण सिंह पंप नहर, जिसे क्षेत्र के अन्नदाताओं की जीवनरेखा माना जाता है, इन दिनों पूरी तरह सूखी पड़ी है। मुख्य नहर के साथ-साथ दिलदारनगर रजवाहा, उसियां, सेवराई, करवनिया डेरा माइनर और गोड़सरा टेल तक पानी नहीं पहुंचने से हजारों बीघा कृषि भूमि की सिंचाई प्रभावित हो रही है।
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में एक ओर पर्याप्त बारिश नहीं हो रही है, वहीं दूसरी ओर सिंचाई विभाग भी नहरों में पानी उपलब्ध कराने में विफल है। बिजली आपूर्ति भी बाधित रहने से निजी संसाधनों से सिंचाई करना महंगा साबित हो रहा है। किसानों ने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से नहरों में तत्काल पूरी क्षमता से पानी छोड़े जाने तथा किसानों को राहत दिलाने की मांग की।
किसानों का दर्द
गोड़सरा निवासी किसान मिनहाज खां ने कहा कि यदि एक-दो दिन में बारिश या नहर का पानी नहीं मिला तो धान की रोपाई पूरी तरह पिछड़ जाएगी और पहले से रोपी गई फसल भी सूखने लगेगी।
हातिम खान ने बताया कि जुलाई का मध्य बीतने के बावजूद गोड़सरा रजवाहा में अब तक पानी नहीं पहुंचा है। नहर सूखी पड़ी है और बिजली संकट ने परेशानी और बढ़ा दी है।
तेजू यादव ने कहा कि धान के कटोरे के रूप में पहचान रखने वाला यह क्षेत्र आज भगवान भरोसे खेती करने को मजबूर है। मौसम की बेरुखी और नहरों की बदहाली से किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
वहीं वसीम खान ने कहा कि पर्याप्त बारिश नहीं होने और नहरों में पानी नहीं मिलने से किसानों को निजी संसाधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
