मुंबई : कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट के उपाध्यक्ष एवं ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष श्री सुरेश भाई ठक्कर ने बताया कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामले में बड़ी राहत मिल सकती है। प्रस्तावित बदलाव के तहत, यदि सप्लायर सरकार के पास GST जमा नहीं करता है, तो केवल इस आधार पर खरीदार का ITC नहीं रोका जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार, यदि संबंधित लेन-देन खरीदार के GSTR-2B में दिखाई देता है और खरीदार बैंकिंग या भुगतान से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करता है, तो उसका ITC सुरक्षित रखा जा सकता है।
वर्तमान व्यवस्था में खरीदार द्वारा सप्लायर को GST सहित पूरा भुगतान करने के बावजूद, यदि सप्लायर सरकार के पास टैक्स जमा नहीं करता, तो खरीदार का ITC रद्द हो सकता है। इससे ईमानदारी से काम करने वाले कारोबारियों को सप्लायर की गलती का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
इस प्रस्ताव पर GST परिषद में विचार होने की संभावना है। मंजूरी मिलने पर यह बदलाव नियमों का पालन करने वाले और औपचारिक रूप से संचालित व्यवसायों के लिए बड़ी राहत साबित होगा तथा सप्लायर द्वारा टैक्स जमा न करने से उत्पन्न जोखिम को काफी हद तक कम करेगा।
