
मुंबई : कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट के उदय सुरेश भाई ठक्कर ने कहा नई दिल्ली, विदेशी तेलों में तेजी का रुख होने तथा बिकवाली कमजोर होने से सोया, बिनौला व राइसन्नान ऑयल के भाव 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गए। आपूर्ति कमजोर होने अखाद्य तेलों में अरंडी तेल की कीमतों में 100 रुपये की सुर्खी रही। अमेरिका व ईरान में तनाव बढ़ने के चलते अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी का रुख जारी रहा। कच्चे तेल में तेजी का रुख जारी रहने के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सीपीओ के भाव 25 डॉलर बढ़कर 1295 डॉलर प्रति टन हो जाने के कारण आयातकों की बिकवाली घटने से कांदला में सीपीओ के भाव 150 रुपये बढ़कर 12120 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। स्टोरिया लिवाली बढ़ने से केएलसी में सीपीओ वायदा सितंबर 44 रिगिंट बढ़कर 4778 तथा अक्तूबर 50 रिगिंट बढ़कर 4950 रिगिंट प्रति टन हो गया। विदेशी तेलों में तेजी का रुख होने तथा आपूर्ति कमजोर होने से बिनौला तेल 50 रुपये बढ़कर 16400 रुपये तथा राइसब्रान ऑयल 13700 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। जबकि तेल मिलों की मांग सुस्त पड़ने से सरसों 25/50 रुपये मुलायम होकर 8100/8150 रुपये प्रति क्विंटल रह गई। सरसों तेल भी उठाव न होने से 16800 रुपये प्रति क्विंटल पर सुस्त रहा। दादरी लाइन में इसके भाव 16650 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए।
अखाद्य तेलों में मांग बढ़ने से अरंडी तेल के भाव 100 रुपये बढ़कर 15250/15300 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। अहमदाबाद लाइन में इसके भाव 14500 रुपये प्रति क्विंटल बोले गए। साबुन निर्माताओं की मांग निकलने से राइस फैटी भी 50 रुपये बढ़कर 11850/11900 रुपये प्रति क्विंटल हो गए। जबकि पशु आहार वालों की मांग कमजोर होने से सरसों खल 50 रुपये मुलायम होकर 3150/3400 रुपये प्रति क्विंटल रह गई।


