
बढ़ती आबादी के मद्देनजर शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की तत्काल जरूरत
नवी मुंबई : नेरूल पश्चिम क्षेत्र में बढ़ती आबादी तथा नागरिकों की शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए नेरूल सेक्टर-8 में अत्याधुनिक भव्य ग्रंथालय और 50 बेड का सर्वसुविधायुक्त महानगरपालिका अस्पताल बनाने की मांग युवा सेना नवी मुंबई के महासचिव निखिल रतन मांडवे ने की है। इस संबंध में उन्होंने नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे को ईमेल के माध्यम से अलग-अलग ज्ञापन भेजकर दोनों परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

तीन दशक पुरानी ग्रंथालय इमारत के स्थान पर नई इमारत की मांग
नेरूल सेक्टर-8 के प्लॉट नंबर 12 पर महानगरपालिका का कै. ज्ञानेश्वर शेलार सांस्कृतिक केंद्र स्थित है, जहां ग्रंथालय और अध्ययन कक्ष संचालित है। यहां सेक्टर-6, 8, 10 के साथ ही कुकशेत, सारसोले गांव और जुहूनगर क्षेत्र के सैकड़ों विद्यार्थी, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक आते हैं। करीब तीन दशक पुरानी यह इमारत अब अपर्याप्त साबित हो रही है।
मांडवे ने मांग की है कि मौजूदा इमारत को ध्वस्त कर उसी स्थान पर भूतल सहित 4 से 5 मंजिला अत्याधुनिक वातानुकूलित ग्रंथालय और विशाल अध्ययन कक्ष बनाया जाए। इसमें डिजिटल ई-लाइब्रेरी, आधुनिक पुस्तक संग्रह और विद्यार्थियों के लिए आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आरक्षित भूखंड पर 50 बेड का अस्पताल बनाया जाए
नेरूल पश्चिम में सिडको की पुरानी इमारतों के पुनर्विकास का काम तेजी से चल रहा है। इससे आने वाले समय में क्षेत्र की आबादी में काफी वृद्धि होने की संभावना है। वर्तमान में नेरूल पश्चिम में केवल कुकशेत और नेरूल गांव में प्राथमिक नागरिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। आम नागरिकों के लिए स्वतंत्र महानगरपालिका अस्पताल उपलब्ध नहीं है।
नेरूल पूर्व स्थित डॉ. डी. वाय. पाटील अस्पताल अथवा मीनाताई ठाकरे मातृ एवं बाल अस्पताल पश्चिम क्षेत्र के नागरिकों के लिए काफी दूर पड़ते हैं। इसलिए सेक्टर-8 के प्लॉट नंबर 2-ए, जो नागरिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए आरक्षित है, वहां 50 बेड का सुसज्जित महानगरपालिका अस्पताल बनाने की मांग की गई है।
अस्पताल में होंगी ये सुविधाएं
अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर
डायलिसिस सेंटर
स्त्री रोग, बाल रोग और हृदय रोग विशेषज्ञों के कक्ष
24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवा
नेरूल पश्चिम के नागरिकों को इलाज के लिए महंगे निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बजाय पूर्ण क्षमता वाला अस्पताल शुरू करना जरूरी है। बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए महानगरपालिका प्रशासन केवल आश्वासन न देकर ग्रंथालय और अस्पताल दोनों परियोजनाओं का काम युद्धस्तर पर शुरू करे, ऐसी ठोस मांग निखिल मांडवे ने की है।

