महाविकास आघाडी के मंत्रियों की बदली से प्रचंड कमाई, सीआईडी जांच हो ,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांतदादा पाटील की मांग

By: Khabre Aaj Bhi
Aug 13, 2020
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मुंबई : राज्य की महाविकास आघाडी सरकार के मंत्रियों ने पंद्रह प्रतिशत बदली के नाम पर अनेक मलाईदार स्थानों पर अपनी मर्जी के मुताबिक अधिकारियों की बदली करके भरपूर पैसा जमा किया है। इसकी सीआईडी से जांच करने की मांग भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांतदादा पाटील ने गुरुवार को किया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के वित्त विभाग ने बदली नहीं करने का आदेश दिया था लेकिन इसके बावजूद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के सामान्य प्रशासन विभाग ने बदली करने पर रोक को उठा दिया, यह आश्चर्यजनक है, ऐसा उन्होंने कहा मा. चंद्रकांतदादा पाटील ने कहा कि, राज्य सरकार ने कोरोना के कारण विभागों में बदली को रोका हुआ था।

लेकिन पंद्रह प्रतिशत बदली को अनुमति देकर उस पर लगी रोक को उठा लिया गया। परिणामतः महाविकास आघाडी सरकार के मंत्रियों ने मलाईदार स्थानों में बदली करवाकर देने का बाजार बनाया। जिसमें बड़े पैमाने पर पैसों का लेन- देन हुआ। साथ ही जिनका राजनैतिक संबंध नहीं है और जिनके पास आर्थिक शक्ति नहीं है ऐसे अधिकारी व कर्मचारियों पर अन्याय हुआ है। इन सभी प्रकरणों की सीआईडी की ओर से जांच करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि, मूलतः कोरोना के विषय में किये जानेवाले उपायों की योजना में निरंतरता रखने के लिए चालू वित्त वर्ष में बदली नहीं किया जायेगा, ऐसा सरकार ने मई महीने में नीति बनाई थी, लेकिन जुलाई महीने में राज्य में कोरोना की स्थिति अत्यंत ही गंभीर होने के बावजूद कुल कार्यरत पदों के पंद्रह प्रतिशत बदली करने का आदेश देने का कोई कारण ही नहीं था। साथ ही इसके पश्चात इसे १० अगस्त तक की समयसीमा देने का भी कोई कारण नहीं था। राज्य सरकार की इस नीति में गडबड के कारण कोरोना संकट के रहते हुए बडी संख्या में अधिकारी व कर्मचारियों के परिवारों के स्थलांतर करने का समय आ गया है। कोरोना के कारण विद्यालय बंद होने से नए स्थान पर विद्यालय में प्रवेश मिलने की चुनौती का निर्माण हुआ है। साथ ही कोरोना के प्रभाव को रोकने के प्रयास में भी रुकावट आई है।

उन्होंने ने कहा कि, कोरोना महामारी के कारण निर्माण हुई परिस्थिति में राज्य सरकार के वित्त विभाग ने 4 मई के दिन एक सरकारी आदेश जारी किया व अनेक प्रतिबंध लगाए गए। जिसमे कहा गया था कि, चालू वित्त वर्ष में किसी भी संवर्ग के अधिकारी अथवा कर्मचारी की बदली न की जाये और इस संबंध में आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से दिया जायेगा। कोरोना के कारण विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे उपायों व योजनाओं में निरंतरता रहना आवश्यक है। जिस कारण से बदली करने पर प्रतिबंध लगाया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग ने वित्त विभाग के 4 मई के आदेश के आधार पर ७ जुलाई को आदेश निकाला और ३१ जुलाई तक पंद्रह प्रतिशत बदली किया जाये यह स्पष्ट किया। साथ ही इसके बाद दि. २३ जुलाई के दिन और एक आदेश निकालकर बदली करने की समयसीमा को १० अगस्त किया गया। इस नीति को घोषित करने में देरी और गड़बड़ी विशेष है।


Khabre Aaj Bhi

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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