
NPA बकाया से लेकर पदोन्नति, अस्थायी पद, DACP, सुरक्षा और Duty Hours तक मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा
मुंबई : माननीय स्वास्थ्य मंत्री एवं माननीय आयुक्त के साथ MAGMO की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा अधिकारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों पर मुद्देनुसार चर्चा हुई। इस दौरान कई महत्वपूर्ण मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए संबंधित विषयों पर समयबद्ध कार्यवाही करने पर सहमति जताई गई।

बैठक में वर्ष 2019 से 2024 तक NPA के बकाया अंतर का भुगतान दो चरणों में करने पर सहमति बनी। वहीं सेवा समावेशन किए गए चिकित्सा अधिकारियों की वरिष्ठता उनके मूल Date of Joining से मान्य करने का निर्णय लिया गया।
CPS पात्रताधारक चिकित्सा अधिकारियों की पदोन्नति एवं RR Rules से जुड़ी समस्याओं की OSD के माध्यम से जांच कर दो माह के भीतर निष्कर्ष निकालने की बात कही गई। इसके अलावा ग्रुप-A चिकित्सा अधिकारियों के लिए स्वतंत्र कल्याण निधि और Cashless Medical Service उपलब्ध कराने हेतु विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने पर सहमति बनी।
बैठक में In-Service डॉक्टरों के लंबित अस्थायी पदों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। लगभग 1200 In-Service अस्थायी पदों को एक साथ मंजूरी देने की दिशा में कार्यवाही करने पर सहमति जताई गई।
तालुका स्वास्थ्य अधिकारियों (THO) की प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने, THO पद की पदोन्नति एवं पात्रता में सुधार, तथा चिकित्सा अधिकारियों को DACP का लाभ देने के विषय पर भी चर्चा हुई। DACP के लिए शासन और MAGMO प्रतिनिधियों की संयुक्त Study Committee गठित करने पर सहमति बनी।
इसके साथ ही ZP के अंतर्गत आने वाले स्वास्थ्य पदों को DHS के नियंत्रण में लाने, Probation एवं अन्य सेवाविषयक प्रस्तावों को VAMS के माध्यम से Online करने तथा प्रत्येक PHC में Security Guard उपलब्ध कराने के संबंध में भी कार्यवाही पर सहमति बनी।
मेलघाट Speciality Rotation के आदेशों की पुनः समीक्षा, डॉक्टरों के लिए राज्यभर में एक समान Duty Hours नीति तथा Medical Certificates जारी करने के लिए स्पष्ट एवं एक समान SOP तैयार करने का निर्णय भी चर्चा में शामिल रहा।
बैठक में फलटण प्रकरण को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। संबंधित अधिकारियों, उनके अधिकार क्षेत्र और की गई प्रशासनिक कार्यवाही की गहन जांच करने पर सहमति जताई गई।
इसके अलावा संवर्ग परिवर्तन के कारण दूर के जिलों में पदस्थापित चिकित्सा अधिकारियों के मामलों की पुनः जांच कर नजदीकी जिलों में उपलब्ध रिक्त पदों की समीक्षा करने तथा संभव होने पर उचित पदस्थापना देने पर भी सहमति बनी।
बैठक में हुए इन निर्णयों से चिकित्सा अधिकारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित विभिन्न प्रशासनिक एवं सेवाविषयक मुद्दों पर आगे की कार्यवाही का रास्ता खुला है।

