
मुंबई: बढ़ती उम्र एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन शरीर की कोशिकाओं, मांसपेशियों और अंगों के स्वास्थ्य को लंबे समय तक बनाए रखना आज के आधुनिक चिकित्सा विज्ञान से अधिक संभव हो रहा है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और उचित वजन बनाए रखने के साथ-साथ रिजनरेटिव मेडिसिन तथा वजन नियंत्रण से जुड़ी नई उपचार पद्धतियां स्वस्थ उम्र बढ़ने में मदद कर सकती हैं, ऐसा विशेषज्ञों का मानना है।
उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत करने की क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है। इसके कारण त्वचा पर झुर्रियां, मांसपेशियों की ताकत में कमी, जोड़ों में दर्द और थकान जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। हालांकि, रिजनरेटिव मेडिसिन के माध्यम से शरीर की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रिया को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

डॉ. प्रदीप महाजन, रिजनरेटिव मेडिसिन विशेषज्ञ एवं स्टेमआरएक्स हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के संस्थापक, के अनुसार उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन शरीर की कोशिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार और उनकी पुनरुत्पादन क्षमता को बढ़ावा देकर ‘हेल्दी एजिंग’ हासिल करने में मदद मिल सकती है।
स्टेम सेल रिसर्च, एक्सोसोम-आधारित उपचार, एपिजेनेटिक मॉड्यूलेशन, एमडीआई, एक्स्ट्राकॉर्पोरियल ब्लड ऑक्सिजनेशन एंड ओजोनशन (EBOO) तथा हाइपरबेरिक ऑक्सीजन थेरेपी (HBOT) जैसी पद्धतियों के जरिए ऊतकों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। इन उपचारों का उद्देश्य शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमता को सहयोग देना और उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद करना है। हालांकि, नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और वजन प्रबंधन जैसे स्वस्थ जीवनशैली के लाभों का स्थान कोई उपचार नहीं ले सकता।
मोटापा भी बढ़ा सकता है उम्र बढ़ने की रफ्तार
विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा समय से पहले होने वाली उम्र संबंधी समस्याओं के प्रमुख कारकों में से एक है। अतिरिक्त वजन से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जिसका असर शरीर की समग्र कार्यक्षमता पर पड़ता है।
मुंबई स्थित मेटाहील क्लिनिक की लैप्रोस्कोपिक एवं बैरिएट्रिक सर्जन डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर ने बताया कि शरीर को सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखना बेहद महत्वपूर्ण है। मोटापे के कारण शरीर में लगातार सूजन और कोशिकाओं पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे उम्र से संबंधित प्रक्रियाओं पर असर पड़ता है। उचित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह से वजन कम करने के उपचार अपनाने से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान रह सकता है।
‘युवा दिखने’ से ज्यादा जरूरी है ‘युवा जैसा सक्रिय रहना’
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ‘युवा दिखना’ ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि बढ़ती उम्र में भी शरीर को अधिक समय तक स्वस्थ, सक्रिय और कार्यक्षम बनाए रखना महत्वपूर्ण है। नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचारों के उचित उपयोग से उम्र बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य और कार्यक्षमता को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

