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दिलदारनगर (गाजीपुर) राष्ट्रमेव जयते फाउंडेशन राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के कार्यालय स्वतंत्रता सेनानी भवन निरहू का पूरा पर संस्था के अध्यक्ष कमाल अहमद खां की अध्यक्षता में महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की 140 वीं जन्मशती समारोह के परिपेक्ष में संपन्न हुई।
बैठक में वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार जनार्दन सिंह ज्वाला ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद जी लेखनी में गरीबों की पीड़ा एवं उन्हें जागृत करने के परिपेक्ष में रहा। कहानी "बूढ़ी काकी" का ज़िक्र करते हुए कहा कि इस कहानी ने मुझे काफी प्रभावित किया।
अल् दीनदार शम्सी म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी के निदेशक एवं राष्ट्रमेव जयते फाउंडेशन के केन्द्रीय समिति में प्रशासनिक अधिकारी कुँअर मुहम्मद नसीम रज़ा ख़ाँ ने कहा कि जिस ब्रिटिश अंंग्रेजों ने मुंशी जी के पुस्तक "सोज़े वतन" पर प्रतिबंध लगाया था आज वही अंग्रेज के वंशज भारत आकर मुंशीजी पर शोध कर रहे हैं हमें गर्व की अनुभूति होती है, समय बलवान होता है। मुन्शी प्रेमचन्द की क़लम तोप के मुकाबिल थी। यह बातें पिछले वर्ष लमही में मुझे सुरेश चन्द्र दूबे जी अध्यक्ष 'प्रेमचन्द स्मारक न्यास' लमहीं, वाराणसी ने बताया था। इनके जन्मस्थल लमही को जो मुकाम हासिल होने चाहिए पर्यटन स्थल के रूप में वह विकास सरकार ने नहीं किया है। बैठक में एडवोकेट इकराम खान, शंभू राम, पत्रकार अभिषेक श्रीवास्तव, रोहित पटवा, कृष्ण कुमार गुप्ता, शेषनाथ तिवारी, गणेश कुमार पांडे, इमादुद्दीन अहमद, प्रशांत सिंह, महेशानंद आदि उपस्थित रहे।
बैठक में मुंशी प्रेमचंद को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के मुख्य सचिव एवं पत्रकार वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने किया
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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