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by: नवनीत मिश्र
गोरखपुर : कोरोना संक्रमण के कारण विगत कई माह से चल रहे परीक्षा प्रकरण पर आज विराम लगाते हुए विश्वविद्यालय छात्रों को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया है। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कृष्ण सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को विश्वविद्यालय परीक्षा समिति की एक आवश्यक हुयी। जिसमें सत्र २०१९ -२० के परीक्षाफल जारी करने के सम्बंध में प्रारूप बनाये जाने हेतु १७ जुलाई को गठित समिति के प्रस्ताव पर विचार कर अंतिम रूप दिया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में गठित समिति ने अपना प्रस्ताव यूजीसी के सुझाव को दृष्टिगत रखते हुए तैयार किया है। विभिन्न कक्षाओं के लिए अलग-अलग सुझाव दिए गए हैं। जैसे स्नातक स्तर पर प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रोन्नति द्वितीय वर्ष में तो कर दिया जाएगा लेकिन नंबर २०२१ की परीक्षा के आधार पर प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार जिन विषयों की परीक्षाएं हो गई है, उनका मूल्यांकन का नंबर दिया जाएगा तथा शेष विषयों / प्रश्न पत्रों के नंबर उसी के आधार प्रदान किया जाएगा।
इसी प्रकार द्वितीय वर्ष के परीक्षार्थियों को प्रथम वर्ष के नंबर प्रदान किए जाएंगे। यह सभी नंबर लिखित और प्रयोगिक के अलग-अलग नंबरों के औसत रूप में दिए जाए समिति ने ऐसा प्रस्ताव दिया है। तृतीय वर्ष के परीक्षार्थियों के लिए समिति ने सुझाव दिया है कि जिनकी कुछ परीक्षाएं हो गई हैं, उन्हीं के आधार पर अवशेष प्रश्न पत्रों के नंबर भी प्रदान किए जाएं। अंतिम वर्ष की कुछ परीक्षाएं शासन के निर्णय के अनुसार होंगी।परास्नातक वार्षिक परीक्षाओं के संदर्भ में समिति ने सुझाव दिया है कि जब द्वितीय वर्ष की परीक्षा संपन्न हो जाएगी, उसी आधार पर प्रथम वर्ष के अंक प्रदान किए जाएंगे।
उसी प्रकार बीएड प्रथम वर्ष के छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत तो कर दिया जाएगा लेकिन उनके अंक द्वितीय वर्ष की वार्षिक परीक्षा पर निर्भर करेंगे। बीएड द्वितीय वर्ष के प्रयोगिक कार्य संपन्न हो चुके हैं। इसलिए इसके अंक प्रदान किए जाएंगे।वार्षिक परीक्षाओं के संदर्भ में समिति ने सुझाव दिया है कि अंतिम वर्ष की शेष परीक्षाएं शासन के निर्णयानुसार होंगी।
स्नातक और परास्नातक सेमेस्टर प्रणाली/ सीबीसीएस के संदर्भ में समिति ने जो प्रस्ताव दिया है उसके तहत एम ए. सेमेस्टर प्रणाली सहित एम एड के छात्रों को पिछले सेमेस्टर के लिखित और मौखिक अलग-अलग नंबरों के औसत के आधार पर अंक प्रदान कर अगले सेमेस्टर में प्रोन्नत किया जाए।इसी प्रकार एलएलबी के छात्रों को भी प्रोन्नति दी जाएगी।समिति ने सभी कक्षाओं के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। कुल मिलाकर सत्र२०१९ -२० के प्रोन्नति एवं परीक्षा के संदर्भ में समिति द्वारा दिए गए सुझाव को कुलपति ने अपनी संस्तुति दे दी है।
कुलपति प्रो विजय कृष्ण सिंह ने एक अन्य महवपूर्ण निर्णय लिया है कि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय से भविष्य में #फोटोयुक्त_अंकपत्र व #प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। कुलपति के निर्देश पर किये जाने वाले इस नवीन प्रयोग का उद्देश्य अंकपत्रों, प्रमाणपत्रों से होने वाली गड़बड़ियों को रोकना है। इस ऑनलाइन बैठक में विभिन्न विभागों के संकायाध्यक्ष, आमंत्रित सदस्यगण के अलवा कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक उपस्थिति रहे।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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