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By: इन्द्रेश तिवारी
जौनपुर: मछलीशहर: लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए उलटी गिनती शुरू हो गयी है।पर लोकसभा मछलीशहर के लिए भाजपा अभी अपना प्रत्यासी उतारने में असफल रही है।हालांकि गठबंधन में यह सीट बसपा के खाते में गयी है और वह त्रिभुवन राम को अपना प्रत्यासी घोषित कर चुकी है।प्रधानमन्त्री मोदी के संसदीय सीट वाराणसी के सटे होने के नाते यह सीट भाजपा के लिए महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। वैसे तो मछलीशहर के वर्तमान सांसद रामचरित्र निषाद का नाम प्रधानमन्त्री मोदी भी मंच से लेते रहे है,परंतु सूत्रो की माने तो गठबंधन के चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए भाजपा के शीर्षस्थ नेता वर्तमान सांसद को फिट नहीं मान रहे है।ऐसे में भाजपा अपनी यह सीट बचाने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है।अंदरखाने से यह भी पता चल रहा है कि खुद भाजपा कार्यकर्ता भी अपने वर्तमान सांसद को गठबंधन से पार पाने के मुफीद नहीं मान रहे।चुनाव घोषित होने के बाद सांसद महोदय का प्रचार वाहन भी क्षेत्र में घूमने लगा था परन्तु टिकट कटने की सुगबुगाहट के बाद प्रचार वाहन अब क्षेत्र में नहीं दिख रहा।ऐसे में अब भाजपा जिताऊ प्रत्यासी की तलाश में जुट गयी है।इसी के तहत हाल में ही बसपा के बीपी सरोज को भाजपा का झंडा थमा दिया गया।हालांकि इस मैदान में ताल ठोकने के लिए वर्तमान सांसद से लेकर प्रमुख रूप से भाजपा के बड़े चेहरे विद्यासागर सोनकर,वाराणसी की अपराजिता सोनकर,बसंत कुमार,अनीता रावत सहित आधा दर्जन प्रत्यासी अपनी दावेदारी की जोर-आजमाइस कर रहे है।लेकिन चुनावी पंडितो की माने तो लोकसभा मछलीशहर में सरोज(पासी)समाज का वोट बहुतायत है।इसी समाज से विधानसभा भाजपा प्रत्यासी रह चुकी अनीता रावत भी आती है।परंतु हाल में ही भाजपा में शामिल बीपी सरोज पिछले लोकसभा चुनाव में हारने वाले प्रत्यासियो में पूरे पूर्वांचल में सबसे अधिक मत प्राप्त करने वाले प्रत्यासी थे।उनकी इसी लोकप्रियता को भुनाने के लिए और जातीय समीकरण साधने के लिए भाजपा अपना दाव बीपी सरोज पर लगा सकती है।हालांकि यह तो वक्त ही बता पायेगा कि बीपी सरोज गठबंधन के इस किले को ध्वस्त कर पाने में कितना सफल रहेगे।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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