To view this video please enable JavaScript, and consider upgrading to a web browser that supports HTML5 video
नवी मुंबई : घनसोली क्षेत्र अनेक नागरिक समस्याओं से घिरा हुआ है। पिछले पाँच वर्षों से यह प्रशासनिक नियंत्रण में है। इस दौरान, यह मंडल घनसोली में स्वास्थ्य सेवा, अपर्याप्त एवं दूषित जलापूर्ति, खराब सड़कें-फुटपाथ, अनाधिकृत भवन, प्रदूषित नालियों जैसी सैकड़ों समस्याओं से घिरा रहा है। इन समस्याओं के विरुद्ध, मनसे प्रवक्ता एवं नगर अध्यक्ष श्री गजानन काले के नेतृत्व में मनसे ने घनसोली मंडल कार्यालय पर विशाल "थाली बजाव मोर्चा" निकाला। समस्याओं की अधिकता के बावजूद, महाराष्ट्र सैनिकों ने थाली बजाकर नींद का नाटक कर रहे अधिकारियों को जगाने का प्रयास किया। सैकड़ों स्थानीय नागरिक, महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक, मनसे पदाधिकारी, महाराष्ट्र सैनिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। घनसोली डी मार्ट से घनसोली पोस्ट ऑफिस तक, दगडू चाहू पाटिल चौक से घनसोली मंडल कार्यालय तक थाली बजाकर मोर्चा निकाला गया। "इन अफसरों का क्या करें... सिर नीचे, पैर ऊपर", "पानी हमारा अधिकार है... किसी और का नहीं", "नेरुल स्टेशन क्षेत्र को फेरीवालों से मुक्त किया जाए", "ठेकेदार अफसरों के तार टूट गए हैं... नागरिक सड़क पर चलने में असमर्थ हो गए हैं", डामर कम, बजरी ज़्यादा... सड़क पर गड्ढे", "बड़ी नालियों की सफाई नहीं हो रही
लेकिन अफसर मलाई खाते हैं" जैसे नारे महाराष्ट्र के सैनिकों ने लगाए, जिससे इलाका स्तब्ध रह गया।
घनसोली में टूटे कूड़ेदानों और सड़क पर पड़े कचरे से नागरिकों को हो रही असुविधा की तस्वीरें सबूतों के साथ अफसरों को सौंपी गईं। संदीप गलुगड़े ने गंभीर आरोप लगाया कि घनसोली अतिक्रमण का दंश झेल रहा है। नितिन नाईक ने कहा कि घनसोली गाँव के कॉलोनी क्षेत्र में सड़क की दुर्दशा के लिए नगर निगम प्रशासन ज़िम्मेदार है। रोहन पाटिल ने अपर्याप्त और दूषित जलापूर्ति के लिए नगर निगम अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। इस बार, नगर निगम प्रशासन से टूटे खिलौनों, बैठने की टूटी व्यवस्था और पीने के पानी की असुविधा के बारे में पूछा गया। संदीप गलुगड़े ने पूछा घनसोली के सबसे बड़े प्रदूषित नाले और उसकी बदबू से नागरिकों को हो रही परेशानी के बारे में नगर निगम को अवगत कराया। महिला सेना की सोनिया धानके ने कहा कि अपर्याप्त धुआँ और देखभाल के अभाव के कारण घनसोली में मलेरिया और डेंगू फैल रहा है। यह देखा गया कि अधिकारियों के पास ऐसे कई सवालों के जवाब नहीं थे। इस अवसर पर गजानन काले ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारी समय रहते मनसे द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों का समाधान नहीं करते हैं, तो भविष्य में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मनसे प्रतिनिधिमंडल में मनसे प्रवक्ता एवं शहर अध्यक्ष गजानन काले, शहर संगठक सड़क स्थापना संदीप गलुगड़े, महिला सेना की शहर अध्यक्ष आरती धूमल, शहर उपाध्यक्ष सोनिया धानके, यशोदा खेडास्कर, विभाग अध्यक्ष रोहन पाटिल, नितिन नाइक, विशाल चव्हाण, शहर उपाध्यक्ष सविनय म्हात्रे, शहर सचिव सचिन कदम, विलास घोणे, मनवीसे शहर अध्यक्ष संदेश डोंगरे, रोजगार शहर अध्यक्ष सनप्रीत तुरमकेर, चित्रपट सेना शहर अध्यक्ष अनिकेत पाटिल, विभाग अध्यक्ष भूषण कोली, योगेश शेटे, चंद्रकांत शामिल थे। डांगे, विभाग सचिव बालाजी लोंढे, महेश चव्हाण उपविभाग अध्यक्ष हरीश चव्हाण, श्याम वाघमारे, अक्षय नाइक, चंदन रंकर, आनंद जगधाने, संजय कोली, गौतम किरवाले, शाखा अध्यक्ष विट्ठल सालुंखे, केतन कोली, संतोष बजाड, आशीष चोरगे, भरत लोंढे, किशोर जाधव, प्रकाश पाटिल, संदीप दकवे, सुशांत जाधव, अक्षय वडार, पुष्पा शेटे, करिश्मा पवार, योगेश कदम सहित बड़ी संख्या में मनसे पदाधिकारी मौजूद थे। महाराष्ट्र के सैनिक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, वरिष्ठ नागरिक एवं आम नागरिक उपस्थित थे। था।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
0 followers
0 Subscribers