महिलाओं को कानूनी साक्षरता का ज्ञान होना उनके विकास के लिए जरुरी - एडवोकेट खालिद वकार आबिद

By: Shakir Ansari
Nov 09, 2024
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चंदौली : विधिक सेवा दिवस पर आम जनमानस को कानून की जानकारी,अधिकार और कर्तव्य के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) के विभिन्न बस्तियों और मोहल्लों में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता का अभियान चलाया गया।  काली मोहाल ,मुस्लिम मोहाल एवं कसाब मोहाल में आम जनमानस, मजदूरों, महिलाओं को संविधान के मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्य के विषय में बताते हुए जागरूक किया गया। इस मौके पर सिविल बार एससिएशन जनपद चन्दौली के पूर्व उपाध्यक्ष एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद चंदौली के पैनल लॉयर सदस्य खालिद वकार आबिद ने बताया कि आज के समय  निर्धन और असहाय को क़ानूनी सहायता देना, विधिक समता के लिए बहुत आवश्यक तत्त्व है क्योंकि निर्धनता के कारण कोई न्याय न प्राप्त कर पाए तो विधिक समता का कोई अर्थ नहीं है। विधिक जागरूकता से विधिक संस्कृति को बढ़ावा मिलता है, कानूनों के निर्माण में लोगों की भागीदारी बढ़ती है और कानून के शासन की स्थापना की दिशा में प्रगति होती है।ज्ञात को कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1995 में शुरू किया गया राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता और समर्थन प्रदान करना है।लोगों को घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, भरण-पोषण, डायन-भूत अधिनियम, पोक्सो कानून, बाल श्रम, बाल विवाह और मानव तस्करी जैसे कानून के बारे में लोगों को बताया गया। साथ ही इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार से मिलने वाली सुविधाओं से भी लोगों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में  इस्माइल अंसारी, रामु गुप्ता, नुरुल हक, अनिल रावत,दुर्गेश सिंह, सुनिल रावत, रबि रावत, दिनेश, मंसूर,आदि मौजूद रहे।


Shakir Ansari

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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