ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए वरदान है सावन महीना

By: Surendra
Aug 18, 2024
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नवी मुंबई : महाराष्ट्र में पवित्र श्रावण मास की शुरुआत कल से हो चुकी है। शिव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगाने लगा है। शिव भक्तों के साथ साथ यह महीना व्यापार की दृष्टि से भी बड़ा शुभ माना जाता है। देश के व्यापारियों की सबसे बड़ी संस्था कॉन्फडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष एवं ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ के अध्यक्ष सुरेश भाई ठक्कर ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि धार्मिक त्योहार देश की अर्थव्यवस्था को काफी बढ़ावा देते हैं। जिनमें सावन मास का महत्वपूर्ण योगदान होता है

यह त्यौहार पूरे एक महीने तक चलता है। उत्तर भारत का सावन माह 15 दिन पहले और मध्य भारत एवं दक्षिण भारत का 15 दिन बाद में शुरू होता है। से मध्य भारत के कुछ राज्य और दक्षिण भारत के राज्यों का पवित्र सावन माह शुरू हो चुका है।सावन महीने के 30 दिन भले ही भक्ति से भरे हों, लेकिन गांव और शहरों के हर वर्ग के लिए यह स्मरणीय माह माना जाता है। इसे व्रत और संयम का महीना माना जाता है। सावन मास में देश भर में 40 हजार करोड़ के व्यापार का अनुमा नजन्माष्टमी और रक्षाबंधन जैसे दो बड़े त्यौहार भी आते हैं इसलिए और भी महत्व बढ़ जाता है।

इस महीने में तरह तरह के सामानों और कैट के उदय ठक्कर ने बताया कि  खाद्यान्नों की बिक्री बढ़ जाती है। कैट के सर्वे टीम ने इस सावन में देश भर में 4 हजार करोड़ और महाराष्ट्र में एक हजार करोड़ के व्यापार का अनुमान लगाया है। महीने में दूध, प्रसाद, फल ड्राई फ्रूट, पूजा के समान, कपड़े और फूल आदि की मांग काफी बढ़ जाती है। इस माह की सबसे प्रमुख कावड़ यात्रा की काँवड़ बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के ऐटा जिले में हजारों मजदूर पूरे साल बाँस, लकड़ी, रंगीन कागज, कपड़ा, घंटी घुंघरू आदि गलाई, ढलाई, घिसाई, पॉलिश, पैकिंग इत्यादि का काम करते हैं।


Surendra

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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