यूपी पंचायत चुनाव 2021 : यूपी ब्लॉक चुनाव में हिंसक व अप्रिय घटनाओं से लोकतंत्र हुआ शर्मसार

By: Khabre Aaj Bhi
Jul 09, 2021
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प्रशासन के सामने हुई हिंसक घटनाएं, मूकदर्शक बनी रही पुलिस, विपक्षी दलों ने भाजपा पर लगाया लोकतंत्र को लूटने का आरोप


मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री हुए सख्त, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के दिये निर्देश

BY: शिवप्रसाद अग्रहरि

जौनपुर : यूपी पंचायत चुनाव में उपद्रवियों व अराजकतत्वों द्वारा जो माहौल खड़ा किया गया निश्चित रूप से यह लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में नामांकन के दौरान कही तोड़ फोड़ किया गया तो कही नामांकन पत्रों को फाड़ दिया गया तो कही महिला प्रत्याशियों के साथ बदसलूकी की गई। सबसे बड़ी बात तो यह है कि उक्त घटनाएं पुलिस प्रशासन व जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी में हुई है। क्योंकि नामांकन स्थल हो या  मतदान केंद्र सभी जगहों पर प्रशासन अपनी तैयारियों को लेकर पहले से ही मुस्तैद रहती है।


फिर बावजूद इसके उत्तरप्रदेश के कई जिलों में हिंसा व बवाल कैसे हो गया यह एक बड़ा सवाल है। साथ ही इस घटना के बाद से यूपी सरकार के मजबूत कानून व्यवस्था के दावों की पोल भी खुल गई। सवाल यह भी है कि जब समाजसेवा करने के उद्देश्य से चुनाव लड़ने जा रहे जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा प्रशासन नही कर पा रही है तो भला आमजनमानस की सुरक्षा कैसे हो सकेगी ? हालांकि यूपी के विभिन्न जिलों में हुई हिंसक घटनाओं की तस्वीरें मीडिया में आने के बाद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हो गए है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने हेतु उच्चाधिकारियों को निर्देश दिया है। चुनाव कोई भी हो वह एकदम पारदर्शी  व निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। सोचने वाली बात यह है कि ऐसे अराजकता फैलाने वाले लोगों को संरक्षण दे कौन रहा है जो शांति में खलल डालने का कार्य करते है।

\उत्तर प्रदेश में गांव तथा जिले की सरकार चुने जाने के बाद अब ब्लाक की सरकार के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश में गुरुवार को ११ बजे से तीन बजे तक नामांकन के बाद नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसी बीच कई जगह पर हिंसा की वारदात के बीच पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा। हरदोई में १९ में से भाजपा के आठ निर्विरोध ब्लाक प्रमुख चुने गए हैं। कई जगह पर बवाल के बीच दस जुलाई को ८२५ सीटों के लिए होने वाले चुनाव का नामांकन हो गया। प्रदेश के गोंडा के मुजेहना ब्लाक को छोड़कर अन्य सभी ८२५  ब्लाक पर ७५८४५ बीडीसी मतदान करेंगे। 

यूपी में ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए नामांकन के दौरान कई स्थानों से हिंसा की घटनाओं को शासन ने गंभीरता से लिया है। एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा है कि जहां भी हिंसा हुई है वहां एफआइआर दर्ज किया जाएगा। कई स्थानों पर नामांकन पत्र छीनने और  मारपीट की घटना सामने आई हैं। गड़बड़ी करने वालों चिन्हित किया जा रहा है। इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई होगी।


उत्तर प्रदेश में ब्लाक प्रमुख चुनाव के लिए गुरुवार को नामांकन के दौरान कन्रौज, सीतापुर, बुलंदशहर, पीलीभीत, झांसी, उन्नाव, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, सम्भल, चित्रकूट,जालौन,फतेहपुर,एटा,अंबेडकरनगर,महराजगंज में खुलेआम फायरिंग व मारपीट हुई। हिंसा के बीच नामांकन प्रक्रिया सम्पन्न हो गई। प्रदेश के सीतापुर में बमबाजी व फायरिंग में एक व्यक्ति घायल है, जबकि कन्नौज में भी पथराव के साथ फायरिंग की गई। दर्जन भर से अधिक जगहों में नामांकन करने जा रहे लोगों से मतपत्र भी छीनने का प्रयास किया गया। फर्रुखाबाद के बढरपुर ब्लॉक में निर्दलीय महिला प्रत्याशी को पर्चा नहीं भरने दिया गया। उसको धक्का देकर पर्चा छीनने का प्रयास किया गया। बुलंदशहर के सियाना में ब्लॉक प्रमुख पद के नामांकन के दौरान दो गुटों में हाथापाई हो गई। दो पक्ष एकसाथ नामांकन के लिए आए। उनके समर्थकों के बीच कहासुनी हो गई। मामले को शांत करवा दिया गया। दोनों पक्षों के बीच किसी मुद्दे को लेकर टकराव नहीं था।

गोरखपुर में बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन से पहले भीड़ ने हमला हमला और समर्थकों से मारपीट की। इस दौरान आधा दर्जन गाड़ियां तोड़ी गईं। चरगावां ब्लॉक पर नामांकन करने पहुंची बीजेपी प्रत्याशी के समर्थकों के साथ मारपीट हुई। पुलिस प्रशासन के सामने ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ीं।बस्ती में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर पूरे जनपद में बवाल की खबर है। दुबौलिया ब्लॉक में मारपीट के साथ फायरिंग हुई। गौर ब्लॉक में उपद्रवियों को पुलिस ने पीटा। इसके अलाव बनकटी ब्लॉक में भी जमकर मारपीट हुई है।

बुलंदशहर में ब्लॉक प्रमुख के नामांकन के दौरान मारपीट और लाठीचार्ज हुई। यहां स्याना ब्लॉक प्रमुख चुनाव के नामांकन के दौरान नामांकन स्थल के बाहर बीजेपी के दो गुटों में बवाल हो गया। बीजेपी के घोषित और अघोषित प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंच गए थे। नामांकन स्थल के बाहर ही दोनों गुट आपस में भिड़ गए। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

\सीतापुर में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर दो दलों में खूनी संघर्ष हो गया। कमलापुर थाना क्षेत्र के कसमंडा ब्लॉक में नामांकन के दौरान दोनों दलों के समर्थकों में गोली तक चल गई। इस दौरान गोली लगने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यहां बीजेपी और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच विवाद छिड़ गया। निर्दलीय प्रत्याशी को नामांकन से रोकने के लिए बवाल हुआ जिसमें हथगोले और कई राउंड फायरिंग तक हो गई। सीओ सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है।

अयोध्या में सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं में मारपीट


अयोध्या में नामांकन स्थल मया ब्लॉक पर सपा और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हो गई। सपा प्रत्याशी धर्मवीर वर्मा के प्रस्तावक राजेश कुमार को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जमकर पीटा। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी। इसके बाद मया बाजार तिराहे पर सपाइयों ने अंबेडकरनगर रोड जाम कर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे एएसपी पलाश बंसल और एसडीएम सदर ज्योति सिंह ने कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया। सपा समर्थित प्रत्याशी धर्मवीर वर्मा को सुरक्षा देने और केस दर्ज होने के आश्वासन के बाद ही जाम खुल सका। मारपीट के दौरान धर्मवीर वर्मा के प्रस्तावक राजेश कुमार को काफी चोटें आई हैं।

पीलीभीत में निर्दलीय प्रत्याशी के नामांकन के दौरान बीजेपी के प्रत्याशी ने गुंडई दिखाई। बीच रोड पर गाड़ी लगा कर बीजेपी प्रत्याशी के समर्थकों ने निर्दलीय प्रत्याशी को नामांकन करने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस मूक दर्शक बनी रही। घटना अमरिया क्षेत्र की है, जहां बीजेपी प्रत्याशी के संरक्षण में अज्ञात बदमाशों ने निर्दलीय प्रत्याशी की गाड़ी पर हमला किया। हंगामे के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दबंगों को खदेड़ा। फिलहाल पंचायत चुनाव में इस तरह की दबंगई बर्दाश्त नही की जानी चाहिए। क्योंकि इस तरह से खुलेआम प्रशासन के सामने हिंसक झड़प, तोड़फोड़ की घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती जैसा है।

बीजेपी कर रही लोकतंत्र को लूटने का काम: कांग्रेस

नामांकन के दौरान हुए बवाल पर यूपी कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने कहा, 'ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सत्ता का दुरूपयोग कर लोकतंत्र को लूट रही है। जनता ने हराने का काम किया है, उस समय बीजेपी अपनी झूठी छवि क्यों बनाना चाहती है? क्या इससे उनके पाप धुल जाएंगे? सच्चाई यह है कि यूपी में बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। अब वह सत्ता के बल पर लूट मचा रही है लेकिन २०२२ के आम चुनाव में जनता बीजेपी को हराकर इसका बदला लेगी।


Khabre Aaj Bhi

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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