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by : नवनीत मिश्र
गोरखपुर : बाल्यकाल से ही हेडगेवार एवं सुंदर सिंह भंडारी जैसे राष्ट्रवादी चिंतकों की आभा से आलोकित सामाजिक सांस्कृतिक एवं वैचारिक धरातल पर अपने आप में एक अनोखे व्यक्तित्व के धनी, प्राचीन परंपराओं, नीतियों, मान्यताओं का नवीन संदर्भों में व्याख्या करने वाले कुशल संगठन कर्ता, चिंतक ,विचारक ,लेखकीय व्यक्तित्व वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर हम उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं उक्त विचार श्री वैभव चतुर्वेदी डायरेक्टर प्रभा ग्रुप आफ एजुकेशन ने " पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं उनके विचार " विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी में व्यक्त किया। स्थानीय प्रभा देवी स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व एवं उनके कृतित्व पर पूर्णरूपेण आदि शंकराचार्य का प्रभाव पड़ा था ।
एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की दृष्टि भारत को वैश्विक क्षितिज पर स्थापित करने कि रही वह भारत को विश्व गुरु के रूप में देखना चाहते थे । मानव मात्र के कल्याण के लिए उन्होंने अंत्योदय योजना का एक सफल प्रयोग किया था । हम उनके दृष्टि , उनकी सोच, को चरितार्थ कर सकें यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी संगोष्ठी कार्यक्रम का सफल संचालन नवनीत मिश्र ने किया एवं आभार ज्ञापन श्री विजय कुमार राय, समन्वयक , सेवा समिति द्वारा किया गया बेविनार में मनीष त्रिपाठी ,विनोद मिश्रा ,उमेश सिंह ,ए के उपाध्याय, नागेंद्र सिंह ,रवी प्रताप सिंह, राजेश पाण्डेय, के एम त्रिपाठी, पी एन विश्वकर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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