ए आर रहमान‌ के साथ काम करने की ख्वाहिश-आफताब अली

By: Khabre Aaj Bhi
Aug 22, 2020
527


मुंबई : मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसले से उड़ान होती है। किसी शायर की यह लाइनें बहुत लोगों ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन बीकानेर के तेजरासर गांव के आफताब अली ने इसे खूब ठीक से समझा और साबित कर दिया कि हौसले के दम पर आसमां भी हासिल हो सकता है। बाहरवी विज्ञान संकाय में अच्छे अंकों से उत्तीर्ण कर चुके और दृढ़ संकल्प और हौसलों की मिसाल बने आफताब शुरू से ही बॉलीवुड में कुछ कर दिखाने की तमन्ना रखते थे।मगर शायद किस्मत ने उनसे किसी और क्षेत्र में नाम कमाने की सोच रखी थी।आज साउंड इंजीनियर के रूप में स्थापित होकर आफताब ने मूम्बई में अच्छा खासा नाम कमाया है।प्रस्तुत है उनसे खास बातचीत:-

होनहार स्टुडेंट होने के बावजूद आपने पढ़ाई बीच में छोड़ मूम्बई चले गए।इसकी कोई खास वजह ?

वो मूड बदल गया। म्यूजिक इंडस्ट्री में‌ काम करने का सपना बचपन से ही था।क्योकि मेरे पापा जी छोटू खान एक सिंगर हैं जिन्होंने बीकानेर के आकाशवाणी चैनल पर खुब गाने गाए थे।मुझे साउंड इंजीनियर बनना था और यही कारण है कि मैंने पढ़ाई छोड़ दी। 

साउंड इंजीनियर बनने का कारण?

मुझे इस लाइन में ही जाना था। मैं बॉलीवुड में ही कुछ करना चाहता था।।मुझे एक्टर बनना था और मुझे किसी भी तरह से इस इंडस्ट्री में आना ही था चाहे मुझे कोई भी प्लेटफार्म मिल जाए और मुझे साउंड इंजीनियर के रूप में अच्छा प्लेटफार्म मिल गया और मैंने सुरेश रास्कर से ट्रेनिंग ली जिन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में बहुत काम किया है और बीस साल का एक्सपीरियंस है उनका जिन्होंने कई मराठी सिरीयल्स और थिएटर व फिल्में की है। और अभी टीवी के अनेक रियलिटी शोज जैसे इंडियन आइडल,सारेगामापा,कपिल शर्मा शो, सावधान इंडिया,डांस दिवाने में काम किया था। मुझे फिल्म इंडस्ट्री में कुछ कर दिखाना था। इसलिए मैंने साउंड इंजीनियर बनने का फैसला किया।

अपने स्ट्रगल के बारे में बताएं ?

मेरा स्ट्रगल छह महीने का था। उनका एक रेस्टोरेंट में हर दिन एक शो होता था।तो मुझे वहां कुछ स्पेशल लगा नहीं क्योंकि ना तो उस वक्त मुझे गाना आता था और ना ही कोई इंस्ट्रूमेंट बजाना आता था।तो मेरे दो तीन जानकारों ने कहा कि उनकी जानकारी में दो तीन स्टुडियो हैं जिसमें आप काम सीख सकते हो और काम कर सकते हो।मैं अपने चाचा के ससुर उम्मेद सेन जी के घर में रहा और उन्होंने ही मुझे स्टुडियो में काम दिलवाया।मुझे भी लगा कि अगर बॉलीवुड टाइप कोई काम हो तो मैं कर लूंगा। तो मैंने एक साल तक उन्हीं के अंडर काम सीखा।मैं अभी एक ही स्टुडियो में काम कर रहा हूं लगातार जिसका नाम ओम क्रिएशन है। 

आपकी फैमिली में आपको किसने सपोर्ट किया?

मेरी फैमिली में मुझे सबने सपोर्ट किया।मेरे दादा दादी चाचा चाची मम्मी पापा सबने मेरा फुल सपोर्ट किया।

आपका पहला सीरियल कौनसा था ?

मेरा पहला सीरीयल जो मैंने मिक्स किया था वो था 'ये रिश्ता क्या कहलाता है'2016 के आसपास।फिर मैंने किए सावधान इंडिया, कपिल शर्मा शो आदि।इन सारे सिरीयल्स में मैं मुख्य रिकॉर्डिस्ट था।

आपका सपना क्या है ?

मेरा एक ही सपना है म्यूजिक डायरेक्टर बनने का। जिसके लिए मैं जी तोड़ मेहनत करना चाहता हूं।और साथ ही साथ मैं हॉलीवुड फिल्मों में बैकग्राउंड म्यूजिक देना चाहता हूं। 

आपके आइडियल कौन हैं ?

मेरे आदर्श हैं संगीतकार ए आर रहमान।और कई सिंगर्स के साथ मैं काम करना चाहता हूं जैसे ए आर रहमान, अर्जित सिंह,राहत फतेह अली खान,सोनू निगम।

आपको इस लाइन में आने के लिए इन्सपायर किसने किया?

मेरे कजिन भाई है फरदीन जो मेरे चाचा के साले हैं उन्होंने ही मुझे इन्सपायर किया।उन्हीं से मैंने सब कुछ सीखा। उन्होंने ही मुझे बोला कि आप इस फिल्ड में‌ कामयाब हो सकते हो।साथ ही साथ उम्मेद सेन‌ जी की फैमिली का मुझ पर हमेशा से ही सपोर्ट रहा है। 

मुंबई में काम के लिए आने वाले स्ट्रग्लर्स को आप क्या मैसेज देना चाहेंगे?

जो भी स्ट्रग्लर्स मेरे पास आता है मैं उसे खडा़ नहीं रखता। मैं उसे अपने पास बिठाकर काम सिखाता हूं।मैं उनको मोटीवेशन देते हूए यही कहता हूं कि तुम जो कर रहे हो वो अच्छा कर रहे हो और तुम जो करोगे वह अच्छा ही करोगे। तुमने जो ठानी है उस पर डटे रहो तभी तुम्हें वो चीज मिलेगी।अगर आप किसी के बहकावे में आओगे तो तुम भटक सकते हो।

नेपोटिज्म पर आपका क्या मानना है?

मैंने नेपोटिज्म को कभी नहीं माना वो ना ही ऐसी चीजें मेरे सामने आई है।इन चीजों से दूर ही रहा हूं क्योंकि मैं इन चीजों को ज्यादा अहमियत नहीं देता क्योंकि अगर किसी में कला है तो उसके लिए नेपोटिज्म काम नहीं आता।अगर आप अच्छे आर्टिस्ट हो तो देर से ही सही मगर नाम जरूर मिलता है वो उसका एक अच्छा दौर आता है।

हिमेश रेशमिया से हुई मुलाकात के बारे में बताएं?

काफी खुशमिजाज वह जिंदादिल इंसान हैं हिमेश‌ जी। उनमें जरा भी एटीट्यूड नहीं है। पहली बार मिलकर ऐसा लगा नहीं कि मैं इतने बड़े सरकार से मिला हूं।उनका बिहेवियर काफी नार्मल व‌ सादगी भरा था। काफी इंट्रस्टिंग पर्सन हैं वो।

एक्टिंग का ऑफर मिले तो अब आप क्या करोगे ?

मैं चला जाऊंगा। मुझे एक मौका मिला था मगर उस समय मेरी हेल्थ अच्छी नहीं थी। मैंने कई एड फिल्म के लिए अॉडिसन दिए मगर कम हैल्थ के कारण मौका मिला नहीं मिला। क्योंकि इन सब के लिए मस्क्यूलर बॉडी की जरूरत होती है।


Khabre Aaj Bhi

Reporter - Khabre Aaj Bhi

Who will win IPL 2023 ?