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रिपोर्ट : यशपाल शर्मा
मुंबई : एम पूर्व वार्ड का शिवाजीनगर-मानखुर्द विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाला पूरा गोवंडी ,मानखुर्द राहीवासिय क्षेत्र कोरोना के चपेट में आचुका है । गौरतलब हो कि अभी तक सिर्फ शिवाजीनगर रहिवासिय क्षेत्र कोरोना प्रभावित क्षेत्र पूर्व से ही हो चुका है । वहीं बचा था मंडाला वो भी मतांगऋषि नगर व शिवनेरी नगर में एक राशन दुकान वाला चपेट में आगया है कोरोना के ,राशन का वितरण करने वाले । ऐसे कोरोना प्रभावित राशन के दुकानदारो के मामले मंडाला से लेकर शिवाजीनगर रॉक तीन मामले उजागर हो चुका है । कहा जाता है कि मंडाला के मतांगऋषि नगर में एक व्यक्ति को हुआ है ,जिसके परिवार बीबी बच्चे भी है । वही शिवनेरी में राशन दुकानदार भीड़ में राशन का वितरण करते समय क्रोना की चपेट में आने का मामला उजागर हुआ है ।जिसपर मनपा एम पूर्व का स्वस्थ विभाग संबंधित क्रोना मरीज को हाथों में स्टैम्प मारकर घर के सदस्यों को होम कोरणटाईन कर दिया है । दूसरे शब्दों में कहा जाये मुंबई का दूसरा झोपड़पट्टी बहुल क्षेत्र एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी के बाद गोवंडी ,मानखुर्द आया कोरोना के जद में ।मानखुर्द मंडाला झोपड़पट्टी बहुल क्षेत्रों में रहने वाली गरीब जनता को कोरोना की जद में आने से बचाने के लिये स्थानिक मानखुर्द पुलिस स्टेशन के वरिष्ट पुलिस निरक्षक प्रकाश चौगुले भरसक प्रयास किया मंडाला कि जनता को कोरोना से बचाने के लिये ,अपने पोलिस कर्मियो के सहयोग से भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र को प्रतिबंधित करने के लिये । लॉक डाउन का पालन करने में भुखमरी के कगार पर पहुंच कि चुका झोपड़पट्टी की गरीब जनता अपनें परिवार का पेट पालने के लिये दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही ,जान खतरे में डालकर लॉक डाउन का उलंगन कर क्रोना से आमने सामने की लड़ाई लड़ रही है जनता।एक तरफ क्रोना है तो दूसरी तरफ गरीब जनता के सामने भुखमरी की तलवार लटक रही है। वही प्रशासन के अनुसार लॉक डाउन का पालन पॉश बिल्डिंग एरिया में अधिक होता है , झोपड़पट्टीयो के क्षेत्र के मुकाबले उसका मुख्य कारण मुंबई के बुद्धजीवि वर्ग के अनुसार 50 लाख के फ्लैट में रहने वाला व्यक्ति बगैर काम धंदे के 1 साल तक बैठकर कहा सकता है पर एक रोजाना कमाने वाला दिहाड़ी मजदूर के लिये एक एक दिन आने परिवार को खाना नही खिला पा रहा है । कोरोना जैसी जानलेवा महामारी के बीच अपने परिवार का पेट भरने के लिये कहीं सड़क पर पल्ली बिछाकर कुछ बेचता दिखाई देगा।राम सजीवन के अनुसार अगर सरकार हमको गांवो तक क्यों नहीं है।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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