ग्राम प्रधान एवं सचिव के मिली भगत से कराया गया 50 मीटर सड़क का कार्य

By: Vivek kumar singh
Jul 06, 2024
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सेवराई /गाजीपुर  : स्थानीय तहसील क्षेत्र के भदौरा विकासखंड अंतर्गत पथरा गांव में एक बार पुनः विकास कार्यों में भ्रष्टाचार करने की शिकायत मिली है। जहां ग्राम प्रधान के द्वारा बिना एस्टीमेट और कार्य योजना के ही वित्तीय स्वीकृति मिलने के बिना ही करीब 200 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य कर दिया गया। यही नहीं ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क को मानक के विपरीत बनाया गया है जिससे उसके चलने के आसार नहीं है। साथ ही इस सड़क पर आवागमन भी खतरे से खाली नही है। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वही ग्रामीणों ने इस कार्य को श्रमदान घोषित करने की मांग की है।

ग्राम प्रधान पथरा एवं सचिव के द्वारा मिली भगत से लाल उपाध्याय पुत्र स्वर्गीय वशिष्ठ उपाध्याय के घर के प्रथम छोर से दूसरे छोर तक करीब 50 मीटर की सड़क पर खड़जा कार्य कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क को नाली की उखाड़ी गई पुरानी ईंटों के जरिए ही निर्माण कार्य कराया गया है। वही पास में ही नकदीलपुर रोड से नर्वदेश्वर उपाध्याय के घर तक करीब 150 मीटर लंबा और करीब 3 मीटर चौड़ा खड़ंजा कार्य कराया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस सड़क के निर्माण में ग्राम प्रधान के द्वारा एक नंबर इट के बजाय झावा (टेढ़े मेढ़े) इट एवं दोयम दर्जे के इट का प्रयोग किया गया है।

इस बारे में जब निवर्तमान सचिव मदन मोहन गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण के लिए कोई कार्य योजना व एस्टीमेट नहीं बनी है और ना ही इसकी कोई वित्तीय स्वीकृति मिली है। सड़क के बारे में जानकारी होने की बात पूछने पर उन्होंने बताया कि या सड़क मेरे संज्ञान में नहीं है। सड़क को मानक के विपरीत बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहाकि किसी भी सड़क के निर्माण के लिए एक नंबर (अव्वल दर्जे) के ईट का प्रयोग होता है। 

ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान के द्वारा कराए गए इस कार्य को श्रमदान व जनहित के लिए निजी खर्च से विकास कार्य कराए जाना घोषित करने की मांग की है। गौरतलब हो कि अभी कुछ माह पूर्व ही क्षेत्र पंचायत निधि के द्वारा पथरा गांव में ही नाला निर्माण के नाम पर करीब 10 लाख रुपए का घोटाला किया गया था। जिसमें संबंधित कार्यदाई संस्था, तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रमुख प्रतिनिधि प्राथमिक रूप से दोषी पाए गए थे। इसके बाद उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी।अब ग्राम प्रधान के द्वारा इस तरह से कराया गया भ्रष्टाचार युक्त कार्य को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं वयाप्त हैं। इस बाबत खंड विकास अधिकारी भदौरा त्रिवेणी राम ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। एडियो पंचायत के माध्यम से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


Vivek kumar singh

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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