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सेवराई/गाजीपुर : मटर, आलू की फसलों में पाला लगने का डर किसानों को सताने लगा है। मौसम इसी तरह बना रहा तो आलू और मटर को काफी नुकसान होगा। यह मौसम गेहूं के लिए फायदेमंद है लेकिन अन्य फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र गाजीपुर पीजी कॉलेज के कृषि विशेषज्ञ एवं मौसम वैज्ञानिक कपिल शर्मा ने बताया कि इस मौसम में आलू एवं मटर में पाला लगने की आशंका बढ़ गई है। पर किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। फसल की सिंचाई करके पाला से बचाया जा सकता है। ध्यान रहे कि मटर की सिंचाई नहीं करनी है। सरसों की फसल में आरा मक्खी तथा बालदार सुंडी कीट की प्रभाव होने की आशंका है। ऐसे में बचाव के लिए किसान एमामेक्टिन बंजोइट 5% एसजी दो सौ ग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए डाईथेन एम - 45 दवा को दो ग्राम प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। फसल में जरा सा रोगों का लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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