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चंदौली : विद्यालय है प्रत्येक बच्चे के भविष्य का निर्माण करता है विद्यालय ।।"
विद्यालय अपने आप में एक ऐसा बड़ा शब्द है, जिसका महत्व हमारे जीवन में सर्वोपरी होता है"।
विद्यालय वह स्थान है, जहां बच्चा अपने गुणों को जानता है। अपने आप को पहचानता है। अपनी समस्याओं को समझता और सुलझता आता है।
हम सब ने एक कहावत सुना तो होगा ; "जो अपने आप को पहचान लिया उसने जीवन मेंसा अपना सफल जीवन उसने सफलता पा लिया।
विद्यालय हमसे हमारा बचपन मांगता है, और बदले में बुलंदियों को छूने का मौका देता है।
पहले हम जिस विद्यालय को एक मंदिर की तरह पूजते थे।" बस समय व्यतीत करने का एक जरिया बन गया है।
विद्यालय या कॉलेज में आने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय का अर्थ ही नहीं पता है।"
बहुत से विद्यार्थी विद्यालय को को केवल मनोरंजन का साधन समझ रहे हैं। "जो आने वाले दिनों में उनके लिए केवल एक अफसोस का कारण बनेगा।
"जिस चीज को हमने कहीं ना देखा, ना सना , ना जाना ।उन सभी तथ्यों की जानकारी हमें विद्यालय देता है।"
बदकिस्मती है उन लोगों की जो विद्यालय में जाकर भी ना कुछ जान पाए। और किसी को विद्यालय जाने का मौका भी नहीं मिला।
विद्यालय ही वह स्थान है। जहां जाति - पात ,ऊंच-नीच, अमीर गरीब ,बड़ा - छोटा सबको एक साथ लेकर चलता है।"
पर बदलते समय और सोच के साथ -साथ इस मंदिर जैसे स्थान को भी दूषित किया जा रहा हैं। "
आखिर क्यों? इसका एक उत्तर है . हमारा अभिमान और सोच।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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