
महासभा में सभागृह नेता सागर नाईक ने उठाया मुद्दा, 15 दिनों में बढ़ा हुआ वेतन देने की मांग
नवी मुंबई : नवी मुंबई महानगरपालिका के कंत्राटी कामगारों की लंबे समय से अपेक्षित ₹7,500 वेतनवृद्धि का मुद्दा एक बार फिर महानगरपालिका महासभा में जोरदार तरीके से उठाया गया। सभागृह नेता सागर नाईक ने कामगारों की वेतनवृद्धि प्रशासनिक प्रक्रिया और कथित लालफीताशाही में अटके होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

सागर नाईक ने कहा कि कंत्राटी कामगारों के लिए ₹7,500 की वेतनवृद्धि मंजूर की जा चुकी है। इसके बावजूद इसका लाभ कामगारों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब महानगरपालिका के पास आवश्यक निधि उपलब्ध है, तो फिर कामगारों की वेतनवृद्धि लागू करने में देरी क्यों की जा रही है?
न्यूनतम वेतन से अधिक भुगतान की क्षमता, फिर अड़चन क्यों?
महासभा में सागर नाईक ने यह भी सवाल उठाया कि महानगरपालिका कंत्राटी कामगारों को न्यूनतम वेतन से अधिक भुगतान करने की आर्थिक क्षमता रखती है। ऐसे में वेतनवृद्धि की प्रक्रिया में अड़चन का वास्तविक कारण क्या है, यह प्रशासन को स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कामगार लगातार महानगरपालिका की विभिन्न सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उनके वेतन से जुड़े निर्णय में अनावश्यक देरी उचित नहीं है।
ऑडिट के तकनीकी कारणों पर सवाल
वेतनवृद्धि में देरी के लिए ऑडिट से संबंधित तकनीकी कारण बताए जाने पर भी सागर नाईक ने सवाल उठाया। उन्होंने प्रशासन से कहा कि तकनीकी और प्रक्रियात्मक कारणों की आड़ में कामगारों की वेतनवृद्धि को अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर हल करने और आवश्यक प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने की मांग की।
“15 दिनों में कामगारों का त्योहार खुशहाल होना चाहिए”
सागर नाईक ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर कंत्राटी कामगारों की वेतनवृद्धि का लाभ उन्हें मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान यदि बढ़ा हुआ वेतन देना संभव नहीं हो पाया, तो कम से कम दशहरे के अवसर पर कामगारों के हाथ में बढ़ा हुआ वेतन पहुंचना चाहिए।
महासभा में उठाए गए इस मुद्दे के बाद अब प्रशासन द्वारा कंत्राटी कामगारों की ₹7,500 वेतनवृद्धि को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर कामगारों की नजर बनी हुई है।

