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By.जावेद बिन अली
उतर प्रदेश गाजीपुर : आज की गोदी मीडिया और आज के नेताओं की तरह आजादी के समय होते किलाई के समय होते तो भारत २०० वर्ष और गुलाम रहता लेकिन आज के समय से विपरीत पत्रकार और नेता भी होते थे नील की खेती और नमक आंदोलन कभी नहीं होता जिस समस्या को आज उठाई जा रही है एक बहुत बड़ी समस्या क्षेत्र के लोगों के लिए है रहती दुनिया तक लोग आभारी रहेंगे ।
जिले के पुर्वर्ती सरकार में जिले में दो नयी तहसील का सृजन हुआ था, जिसमें गाजीपुर की सबसे बड़ी तहसील मुहम्मदाबाद से कुछ गांवों को निकाल कर नयी तहसील कासिमाबाद व जमनिया से सेवराई बनाई गई, परंतु मुहम्मदाबाद तहसील के लोगों की सुविधा व मानक की कोई परवाह न करते हुए पुर्व मंत्री सैयदा सादाब फातिमा वाह-वाही लुटने में कामयाब रहीं और मुहम्मदाबाद के ५ से १० किलोमीटर दूरी पर बसे गांवों को नयी तहसील कासिमाबाद की दूरी ३० से ३५ किलोमीटर जाने के लिए मजबूर किया गया। कुछ सामाजिक सहयोगियों के माध्यम से धरना प्रदर्शन का हिस्सा बनकर विपक्ष के साथ साथ और पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खूब भाग लिया ।
परंतु पूरे प्रकरण का राजनीतिकरण हुआ और सरकार से लोगों को निराशा हाथ लगी । उस समय की वर्तमान सरकार से आश टूटने के बाद लोगों को लगा कि अगली सरकार आएगी तो संभवत तहसील मुहम्मदाबाद हो जाएगी , इसी आशा और विश्वास को रखते हुए इन ५५ (पचपन) गांव के लोगों ने वोट देकर नयी सरकार के जन प्रतिनिधियों जिताने का काम किया परंतु,नयी सरकार के इतने दिन बीत जाने के बाद भी कोई जनप्रतिनिधि खरा नहीं उतरा। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधी सिर्फ कागज लेते हैं और चले जाते हैं,l फिर जब किसी प्रकार का चुनाव आता है, यह मुद्दा आता है चुनाव बीतने के साथ मुद्दा बन्द हो जाता है। जनता बेचारी लाचार है, कासिमाबाद जाने को मजबूर व निराशा होकर घर बैठ कर आपस में बात कर रही हैंl कि अब कभी भी कासिमाबाद तहसील के. मोहम्मदाबाद तहसील के नजदीकी गांव कासिमाबाद तहसील से नहीं आ सकते । इसी क्रम में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी रेनू यादव पत्नी जन जागृति फाउंडेशन के अध्यक्ष श्रीकांत यादव के समक्ष परानपुर निवासी, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष रविन्द्र सिंह यादव के द्वारा यह प्रस्ताव रखा गया तो तत्काल श्रीकांत यादव ने चुनाव के समय कहा कि मैं चुनाव जीतूंगा या हारुगां, इस काम को मैं अपने हाथ से कराऊंगा, lहमें किसी से भी एक रुपए सहयोग की जरुरत नहीं है, सिर्फ लोगों के सहयोग व आत्म बल की जरुरत है। चुनाव हारने के बाद भी श्रीकांत यादव ने भाजपा जिला उपाध्यक्ष श्याम राज तिवारी, श्रवन राम इत्यादि समर्थकों के साथ अपने क्षेत्र के परानपुर, रजौली, ढोढ़ाडीह, फैजुल्लापुर इत्यादि गांव के सम्मानित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद राजभर अमित राय श्रीनिवास राजभर, रामप्रवेश, सिवनाथ राय, दुर्गविजय राय, दीलिप चौरसिया, इत्यादि लोगों से मिलकर इस संदर्भ में बात किया और लोगों को यह विश्वास दिलाया कि मैं इस कार्य को माननिय मुख्यमंत्री जी के समझ रखने का काम करूंगा और क्योंकि राजस्व विभाग माननीय मुख्यमंत्री जी के पास है और हर स्तर पर इस कार्य को कराने का कार्य करूंगा। आपको जानकारी दे दें की श्रीकांत यादव जनजागृति फाउंडेशन के अध्यक्ष साथ-साथ लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार भी हैं ।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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