To view this video please enable JavaScript, and consider upgrading to a web browser that supports HTML5 video
जौनपुर के मुल थे निवासी पूरे जिले में शोक की लहर
By: मो. हारुन
जौनपुर माता प्रसाद जी का जन्म मछली शहर तहसील के कजियाना मोहल्ले में११ अक्टूबर १९२५ को जन्म हुआ था बड़ी ही कठिन परिस्थितियों में ९ वर्ष की अवस्था में अपनी शिक्षा प्रारंभ की। हिंदी मिडिल की परीक्षा सन १९४२ में प्रथम श्रेणी में तथा उर्दू मिडिल की परीक्षा १९४३ में द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण की। एचटीसी की ट्रेनिंग करते समय ही उन्होंने "कोविद" परीक्षा उत्तीर्ण की। इसी वर्ष १९४६ में अध्यापक के रूप में नियुक्त हो गए थे। अध्ययन शील और सतत ज्ञान पिपासु अध्ययन अध्यापन के साथ निरंतर चलता रहा। इसी के फलस्वरूप उन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा १९४२ में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी १९५७ में सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनके कार्यक्षेत्र और पदभार बढ़ने लगा। २९५७ से १९७७ तक वह निरंतर शाहगंज विधानसभा से सदस्य निर्वाचित होते रहे। १९८० से ६ जुलाई १९९२ तक लगातार दो बार विधान परिषद के सदस्य रहे। ३१ जुलाई २९८८ से नवंबर १९८९ तक सरकार में कैबिनेट मंत्री (राजस्व) थे। सामाजिक जीवन मे सक्रियता के साथ वह अनेक पदों को सार्थक करते रहे। संचालक मंडल एच वी टी आई कानपुर तथा उत्तर प्रदेश के दलित वर्ग संघ प्रथम वेतन आयोग सदस्य (१९७१- १९७३) आवास विकास परिषद लीगल एण्ड परामर्श बोर्ड तथा अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य रहे थे।अपनी साहित्यिक अभिरुचि के कारण वह दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली के उपाध्यक्ष, जनपद हिंदी साहित्य सम्मेलन जौनपुर के अध्यक्ष डॉ आंबेडकर फ़िल्म पांडुलिपि समिति भारत सरकार १९९४ के अध्यक्ष रहे थे।समस्त पदों को निष्ठापूर्वक निर्वाह करने वाले ईमानदार कर्मठ माता प्रसाद जी को२१ अक्टूबर १९९३ को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाये गए। राज्यपाल पद पर रहते हुए भी वह कभी पद के विराट प्रोटोकॉल से दूर ही रहे। उनका राजभवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आत्मीयता का व्यवहार देश मे चर्चा का विषय रहा। पूर्वोत्तर राज्यों में उन्होंने अनेक बुनियादी सुविधाओं को पहुँचाने लिए तत्कालीन भारत सरकार का ध्यान भी आकृष्ट कराया था। राजभवन उस समय अरुणाचल प्रदेश के आम जन के लिए भी वह खोल रखे थे। सरलता से लोग अपने महामहिम राज्यपाल से मिल लेते थे
Reporter - Khabre Aaj Bhi
0 followers
0 Subscribers