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कार्यक्रम स्थल पर दो गज की दूरी, मास्क व हाथों की सफाई का रहे ख्याल
गाजीपुर : नवरात्रि के साथ ही एक बार फिर उत्सवों, मेलों और धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनों का समय शुरू हो गया है । हालाँकि कोविड-19 के चलते इस बार स्थितियां बदलीं हुईं हैं, इसलिए उत्सव की खुशियाँ बरक़रार रखने के लिए कार्यक्रम आयोजकों से लेकर उसमें शामिल होने वालों तक को हर कदम पर सावधान रहने और साथ ही संक्रमण से बचाव करने की जरूरत है । स्वस्थ रहने के लिए स्वस्थ व्यवहार अपनाने की सख्त जरूरत है । सरकार की ओर से त्योहारों और आयोजनों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं, जिसका पालन करते हुए ही सभी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ के के वर्मा ने बताया कि कोविड से सभी को सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग द्वार हों। कार्यक्रम स्थल में पर्याप्त क्रास वेंटिलेशन होना चाहिए । प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था हो, कार्यक्रम स्थल पर केवल बिना लक्षण वाले स्टाफ एवं आगंतुकों को प्रवेश दिया जाए । यदि किसी में बीमारी के लक्षण दिखाई पड़ते हैं तो उसके साथ ही अन्य की सुरक्षा की दृष्टि से प्रवेश न दिया जाए और चिकित्सीय सहायता की सलाह दी जाए । स्टाफ व आगंतुकों को फेस कवर/मास्क पहनना अनिवार्य होगा और एक-दूसरे से दो गज की दूरी बनाकर रखनी होगी । यह सभी पालन पार्किंग स्थल और स्टाल पर भी करना होगा । धार्मिक आयोजन स्थलों पर जहाँ तक संभव हो जूते-चप्पल गाड़ी में ही उतारकर कार्यक्रम स्थल पर जाएँ या तो प्रवेश द्वार के निकट हर परिवार के जूते-चप्पल अलग अलग स्लाट में रखे जाएँ । कार्यक्रम स्थल पर कोरोना से बचाव सम्बन्धी पोस्टर, स्टैंडी/ऑडियो-वीडियो मीडिया प्रमुख रूप से लगायी जाए । कन्टेनमेंट जोन में इस तरह के किसी भी आयोजन या उत्सव मनाने से बचें ।
एसीएमओ डॉ उमेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचने के लिए कुछ सामान्य उपाय हैं । जैसे - सार्वजानिक स्थानों पर दूसरे से दो गज की दूरी रखें और मास्क पहनें । साफ पानी एवं साबुन से ४० सेकंड तक हाथ धोएं या २० सेकंड तक सेनेटाइज करें । श्वसन सम्बन्धी स्वच्छता का कड़ाई से पालन व टिश्यू का उचित निस्तारण हो । अपने स्वास्थ्य की स्वतः निगरानी करें, जरूरत समझें तो हेल्पलाइन की मदद लें । सार्वजनिक स्थलों पर थूकना सख्त मनाही । सभी को आरोग्य सेतु एप के इस्तेमाल की सलाह दी जाए । ६० साल से अधिक के बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार, १० साल से कम उम्र के बच्चे व गर्भवती घर पर ही उत्सव मनाएं ।
एसीएमओ डॉ प्रगति कुमार ने बताया कि थर्मल स्क्रीनिंग, दो गज की दूरी और सेनिटाइजेशन के साथ ही विस्तृत साइट प्लान और स्थानिक सीमाओं का निर्धारण सुनिश्चित कराया जाए जिसके लिए वालंटियर्स तैनात किये जा सकते हैं । इसके लिए कार्यक्रमों के अलग-अलग समय का निर्धारण और सीमित प्रवेश पर भी विचार किया जा सकता है । स्टेज कलाकारों को भी प्रोटोकाल का पालन करना होगा । अगर कार्यक्रम कई दिन या हफ्ते चलने वाला है तो भीड़ का नियंत्रण व पीक आवर में उचित दूरी का पालन और बार-बार सेनेटाइजेशन की व्यवस्था कराएँ।
डॉ प्रगति कुमार ने बताया कि रैलियों एवं विसर्जन जुलूसों के दौरान लोगों की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर एवं उचित दूरी के नियम का पालन और मास्क के इस्तेमाल का पालन हो, लम्बी दूरी की रैलियों व जुलूसों के लिए एम्बुलेंस सेवा की भी व्यवस्था करके रखें । संभावित मरीजों को आइसोलेशन में रखने के लिए एक निश्चित स्थान पहले से निर्धारित किया जाना चाहिए । उचित दूरी व मास्क पहनने के नियम के पालन की निगरानी के लिए सीसीटीवी की व्यवस्था हो । रैली व जुलूसों के लिए रूट, विसर्जन स्थल और संख्या का पूर्व निर्धारण हो । इसके अलावा सभी आयोजकों को स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए निकटतम अस्पतालों से संपर्क के साथ-साथ चिकित्सा देखभाल की व्यवस्था की योजना बनायी जाए ।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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