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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कालेज से संबंध होने से जिला अस्पताल मे मिलने सुविधाएं बढ़ रही है
जिला अस्पताल में 8 क्लब्फुट के बच्चों का निःशुल्क इलाज पोनेसेटी मेथड से प्लास्टर लगाया गया ।
ग़ाज़ीपुर : राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एवं अनुष्का फाउंडेशन के सहयोग से जिला अस्पताल गाजीपुर में अब तक 75 बच्चो का नि:शुल्क इलाज किया जा चुका है।.जो की क्लबफुट (टेढ़े पंजे) से पीड़ित थे । जिला अस्पताल के हड्डी विभाग मे कार्यरत डॉ० सतीश सिंह तथा डॉ० के के यादव द्वारा 8 बच्चो का बुधवार को पोनसेटी मेथड से प्लास्टर लगाया गया। डॉ० सतीश सिंह ने बताया कि इन बच्चो के पैर सीधे हो जाने पर जल्द बच्चो का टेनोटॉमी(छोटा आपरेशन) किया जाएगा और फिर ये बच्चे ब्रेस (विशेष प्रकार के जूते ) पहन पाएंगे।
डॉ० के के यादव ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है जन्म के समय से ही बच्चो के पैर का पंजा मुड़ा हुआ होता है। उन बच्चों के पैरों के उपचार के लिये पोंसेटी तकनीकी के सहयोग से क्लब फुट का उपचार संभव है। अनुष्का फाउंडेशन के ब्रांच मैनेजर ने बताया की बच्चे के पैर को धीरे-धीरे बेहतर स्थिति में लाना है और फिर इस पर एक प्लास्टर चढ़ा दिया जाता है, जिसे कास्ट कहा जाता है। यह हर सप्ताह 5 से 8 सप्ताह तक के लिए दोहराया जाता है। आखिरी कास्ट पूरा होने के बाद, अधिकांश बच्चों के टेंडन को ढीला करने के लिए एक मामूली ऑपरेशन (टेनोटॉमी) की आवश्यकता होती है। यह बच्चे के पैर को और अधिक प्राकृतिक स्थिति में लाने में मदद करता है। जिससे पैर अपनी मूल स्थिति पर वापस न आ जाए। फिर बच्चा 4 सालो तक ब्रेस या विशेष प्रकार के जूते पहनता है जो की अनुष्का फाउंडेशन द्वारा नि:शुल्क दिया जाता है
अनुष्का फाउंडेशन के प्रोग्राम एक्जिक्यूट आनंद कुमार ने बताया कि 0 - 2 साल तक के बच्चे इस नि:शुल्क इलाज का लाभ ले सकते है हमारे संस्था के द्वारा बच्चो के प्लास्टर में लगने वाला जिप्सोना तथा और ब्रेस ( विशेष प्रकार का जूता ) नि: शुल्क प्रदान किया जाता है।कभी-कभी इस प्रक्रिया के काम नहीं करने का मुख्य कारण यह होता है कि ब्रेसिज़ (विशेष प्रकार के जूते) लगातार उपयोग नहीं किये जाते हैं। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि आपका बच्चा लंबे समय तक विशेष जूते और ब्रेसिज़ आमतौर पर तीन महीने के लिए पूरे समय और फिर रात में पहनाने होते है।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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