
न्हावा स्थित ONGC के कामगारों का अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन जारी
उलवे : न्हावा स्थित ONGC कंपनी में कई वर्षों से काम कर रहे 17 ठेका कामगारों को अचानक काम से हटाए जाने के विरोध में करीब 600 कामगार पिछले छह दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन को न्हावा ग्रामवासियों का भी समर्थन मिल रहा है और स्थानीय लोग भी सड़क पर उतर आए हैं।

अंतरराष्ट्रीय कामगार नेता महेंद्रशेठ घरत ने सोमवार (21 सितंबर) को न्हावा पहुंचकर आंदोलनकारी कामगारों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कामगारों को उचित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
महेंद्रशेठ घरत ने कहा कि, “न्हावा स्थित ONGC प्रशासन का रवैया बेहद निराशाजनक है। ठेका कामगारों को स्थायी करने के बजाय उन्हें काम से हटाना और ठेकेदारों को संरक्षण देना निंदनीय है। गणेशोत्सव के दौरान कामगारों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया गया है। हालांकि विघ्नहर्ता गणेश कामगारों पर आए इस संकट को दूर करेंगे।”
उन्होंने कहा कि कामगारों के समर्थन में वे अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। न्हावा के ग्रामीणों ने राजनीतिक मतभेदों को किनारे रखकर एकजुटता दिखाई है और महिलाओं का भी आंदोलन को मजबूत समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ONGC प्रशासन के सामने स्थानीय भूमिपुत्र कामगारों के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महेंद्रशेठ घरत ने मांग की कि ONGC प्रशासन 17 स्थानीय कामगारों को तत्काल काम पर वापस ले और इस संबंध में कामगार संगठन को लिखित पत्र दे। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।
कामगारों की भी प्रमुख मांग है कि सभी 17 कामगारों को तत्काल काम पर लिया जाए तथा प्रबंधन की ओर से इसकी लिखित पुष्टि कामगार संगठन को दी जाए।

