
मुंबई : महाराष्ट्र की सभी छोटी-बड़ी नदियों के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्जीवन के लिए राज्य सरकार की ओर से ‘महाराष्ट्र नदी संरक्षण अभियान’ व्यापक स्तर पर चलाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इसकी घोषणा की। अभियान का आधिकारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रमुख उपस्थिति में नाशिक में आयोजित विशेष सम्मेलन के माध्यम से जल्द किया जाएगा।
अभियान की पूर्व तैयारियों और मंजूरी के लिए प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा। आगामी कुंभ मेले के मद्देनजर नाशिक में विशेष राज्यस्तरीय कार्यशाला के साथ विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

मंत्रालय में हुई बैठक में जलपुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव एकनाथ डवले, डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार, लाभक्षेत्र विकास के सचिव प्रकाश मिसाल सहित वरिष्ठ अधिकारी और जल बिरादरी के बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित थे।
108 नदियों का किया गया अध्ययन
स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव के अवसर पर राज्य सरकार ने इससे पहले ‘चला जाणूया नदीला’ अभियान चलाया था। इसके तहत राज्य के 35 जिलों की 108 नदियों का गहन अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की गई। नदियों को स्वच्छ, निर्मल, प्रवाहमान और अविरल बनाए रखने के लिए स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों, पारंपरिक विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की भागीदारी से लोक-अध्ययन तथा कार्ययोजनाएं तैयार की गई हैं।
इन्हीं कार्ययोजनाओं के आधार पर अब जल संसाधन विभाग और शासन के अन्य संबंधित विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे। बैठक में जलपुरुष डॉ. राजेंद्र सिंह ने राज्य सरकार के प्रयासों का स्वागत किया। जल बिरादरी के राष्ट्रीय समन्वयकों ने बताया कि महाराष्ट्र की तर्ज पर आंध्र प्रदेश में भी इसी प्रकार की परियोजना शुरू करने पर विचार किया जा रहा है।

