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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोनू महाजन को कब बुलाएंगे? पूर्व सैनिकों महाजनों पर हमला करने के 3 साल कैसे आए?
मुंबई ; मुंबई में एक सेवानिवृत्त नौसैनिक अधिकारी की पिटाई को लेकर विवादों में घिरी भाजपा के पास सैनिकों के लिए ज्यादा करुणा, प्रेम और सम्मान नहीं है। अगर उनका सैनिकों के प्रति सच्चा सम्मान होता, तो जलगांव के पूर्व सैनिक सोनू महाजन को न्याय के लिए चार साल तक भटकना नहीं पड़ता। फडणवीस सरकार ने यह भी नहीं देखा कि २०१६ में उस पर हमला हुआ था, न ही उसने तीन साल तक एफआईआर दर्ज की थी। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत ने पूछा है कि मुंबई मामले में सेवानिवृत्त अधिकारी के न्याय के लिए लड़ रही भाजपा को सोनू महाजन के लिए न्याय कब मिलेगा।भाजपा के घूंघट को तोड़ते हुए सावंत ने कहा कि जलगांव के पूर्व सैनिक सोनू महाजन पर २०१६ में भाजपा विधायक अनमेश पाटिल के आदेश पर हमला किया गया था, जो अब सांसद हैं।
उस समय राज्य में फडणवीस की सरकार थी, वह गृह मंत्री भी थे, लेकिन उन्होंने प्राथमिकी दर्ज नहीं की। उच्च न्यायालय द्वारा २०१९ में एक आदेश जारी किए जाने के बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी लेकिन आज तक अनमेश पाटिल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। न तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और न ही उनके पूर्ववर्तियों ने नोटिस लिया। क्या सोनू महाजन पर हमले के बाद राजनाथ सिंह फोन करने वाले हैं? रक्षा मंत्री को सैनिकों के बीच भेदभाव क्यों करना चाहिए? सावंत ने यही कहा।
चाहे वह सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी मदन शर्मा या मुंबई के किसी अन्य व्यक्ति की पिटाई हो, यह निंदनीय है। मुंबई मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई है। भाजपा को जवाब देना चाहिए कि जलगांव मामले में इतनी तत्परता क्यों नहीं दिखाई गई। लेकिन भाजपा की देशभक्ति और सैनिकों के प्रति सम्मान अपने ही विधायक प्रशांत पारीक के बयान और जलगांव में महाजन हत्या मामले से स्पष्ट है। सावंत ने कहा, 'हम पूर्व सैनिक सोनू महाजन के मामले को महावि
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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