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By: संदीप शर्मा
गहमर: पूर्व नियोजित दो दिवसीय गोपाल राम गहमरी साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ शानिवार की दोपहर 1 बजे से हुआ । कार्यक्रम उद्घाटन के पश्चात कथक नृत्य एवं लघु कथा वाचन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। ज्ञात हो कि स्थानीय गांव के इंटर कॉलेज के परिसर में हिंदी जासूसी उपन्यास के जनक स्थानीय गांव निवासी गोपाल राम गहमरी की स्मृति में शनिवार को गोपाल राम गहमरी साहित्यकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के पहले समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता परीक्षित सिंह रहे। कार्यक्रम का आगाज मां सरस्वती की वंदना एवं स्वागत गीत से किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने उपस्थित साहित्यकारों एवं प्रबुद्ध जनों को संबोधित करते हुए कहा की जब दुनियां के सारे मार्ग बंद हो जाते हैं तब साहित्य की तरफ देखा जाता है। साहित्यकार युग दृष्टा होता है। उसे आने वाले समय में क्या होगा इसका पहले ही ज्ञान हो जाता है।उन्होंने इस तरह के साहित्यिक कार्यक्रम करने के लिए संयोजक अखंड सिंह को बधाई दिया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में ईशा रतन एवं मीशा रतन द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया, जिस पर श्रोताओं द्वारा काफी देर तक तालियां बजीं। तदुपरांत लघु कथा वाचन के कार्यक्रम में बाहर से आये रचनाकार सुधीर सिंह, संतोष वर्मा शान, सुधाकर जी दिल्ली, सीतादेवी राठी, धर्मवीर भारती, बसंत कुमार आदि रचनाकारों के द्वारा लघु कथा का वाचन किया गया। उक्त कार्यक्रम में विमलेश सिंह गहमरी, बाल्मीकि सिंह, लक्ष्मीकांत उपाध्याय, रामेश्वर सिंह, जनार्दन जी, अखंड गहमरी आदि लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह एवं संचालन मिथिलेश गहमरी ने किया।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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