To view this video please enable JavaScript, and consider upgrading to a web browser that supports HTML5 video
सेवराई/गाजीपुर : तहसील क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवल पर चिकित्सकों की लापरवाही के कारण लोगों को काफी परेशानियां उठानी पड़ रही है। इलाज कराने आए मरीजों को चिकित्सको और किसी भी स्वास्थ्य कर्मी के मौजूद न होने के कारण वैरँग वापस लौटा पड़ रहा है। जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बेहतर चिकित्सा सेवा का दावा किया जा रहा है। लेकिन इसका जमीनी हकीकत ठीक इसके विपरीत है। लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर केवल बेवकूफ बनाया जा रहा है। कहीं चिकित्सक तो है तो दवाई नहीं, दवाई हैं तो चिकित्सक नहीं और दोनों हैं तो संसाधन नहीं। चिकित्सकों की लापरवाही आए दिन सामने आने के बावजूद भी संबंधित जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों का कार्यवाई न करना उनके लचर व्यवस्था को दर्शा रहा है।
भदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित आरोग्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवल पर शनिवार की सुबह पहुंचे दर्जनों मरीज को उस वक्त वापस लौटना पड़ गया, जब वहां कोई भी चिकित्सक अथवा स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने बताया कि डॉक्टर साहब तीन दिनों से नहीं आ रहे हैं। ग्रामीणों में चर्चा है कि जिम्मेदार डॉक्टर के द्वारा अपनी ड्यूटी को लेकर शिफ्ट वार सूची बनाई गई थी। लेकिन वावजूद यहां आए मरीजों को बिना इलाज कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराने के बावजूद भी उच्च अधिकारी संबंधित चिकित्सकों पर कोई भी कार्रवाई नहीं करते जिससे स्थिति में सुधार नहीं होता अल्बर्टा शिकायत करने वाले मरीजों को संबंधित चिकित्सकों की कोपभाजन का शिकार भी होना पड़ता है।
छात्र नेता विपुल सिंह ने बताया कि आज शनिवार को अस्पताल पहुंचने पर वहां कोई भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था उन्होंने मामले की शिकायत सीएमओ सहित जिलाधिकारी से करते हुए सभी दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। चेताया कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो हम सभी ग्रामीण धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
0 followers
0 Subscribers