EPA के बायोडीजल टारगेट और क्रूड उछाल से CBOT सोया ऑयल में लिमिट-अप तेजी

By: Surendra
Jun 14, 2025
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मुंबई : कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के उपाध्यक्ष एवं ठाणे जिला होलसेल व्यापारी वेलफेयर महासंघ अध्यक्ष श्री सुरेश भाई ठक्कर ने कहा CBOT सोया ऑयल वायदा शुक्रवार को तेज़ी के साथ बंद हुआ। जुलाई कॉन्ट्रैक्ट (ZLN25) 3 सेंट की लिमिट-अप बढ़त के साथ 50.61 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुआ, जबकि सबसे सक्रिय दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट (ZLZ25) भी 3 सेंट चढ़कर 51.19 सेंट प्रति पाउंड पर बंद हुआ।

तेज़ी की प्रमुख वजह रही अमेरिकी EPA द्वारा 2026 के लिए बायोमास-बेस्ड डीजल का ब्लेंडिंग टारगेट 7.12 बिलियन RINs (करीब 5.61 बिलियन गैलन) करने का प्रस्ताव, जो 2025 के 3.73 बिलियन गैलन से 1.88 बिलियन गैलन या लगभग 50% ज्यादा है। यदि सोया ऑयल फीडस्टॉक मिक्स में 50% हिस्सेदारी बनाए रखता है और 7.6 पाउंड/गैलन का कन्वर्जन मानें, तो इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगभग 3.84 मिलियन टन अतिरिक्त सोया ऑयल की ज़रूरत होगी। इसे तैयार करने के लिए करीब 20.76 मिलियन टन सोयाबीन की क्रशिंग करनी होगी, औसतन 18.5% ऑयल रिकवरी के आधार पर।

यह बदलाव अमेरिकी एक्सपोर्ट पर असर डाल सकता है। USDA की ताज़ा WASDE रिपोर्ट के अनुसार, 2025–26 में अमेरिकी सोयाबीन का निर्यात 49.4 मिलियन टन अनुमानित है, जो पिछले वर्ष से 9.5 लाख टन कम है। सोया ऑयल का निर्यात सिर्फ 1.04 मिलियन टन रहने का अनुमान है, जिससे वैश्विक सप्लाई टाइट हो सकती है।

फंडों की ओर से भी तेज़ खरीदारी देखने को मिली, जहां शुक्रवार को अनुमानित 22,500 सोया ऑयल कॉन्ट्रैक्ट्स की नेट खरीद हुई—जो हाल की सबसे बड़ी डेली बढ़त में से एक है।

ऊर्जा बाज़ार से भी समर्थन मिला। जुलाई WTI क्रूड (CLN25) $4.94 या 7.26% चढ़कर $73.45 प्रति बैरल पर बंद हुआ। इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मिसाइल हमलों की खबरों से Strait of Hormuz से सप्लाई बाधित होने की आशंका ने बाज़ार को और सहारा दिया।

वैश्विक वेजिटेबल ऑयल मार्केट में भी तेजी रही। DCE सोया ऑयल और मलेशियन पाम ऑयल वायदा EPA की घोषणा से पहले ही बंद हो चुके थे, लेकिन ऊंचे क्रूड और तकनीकी बाइंग से इन बाजारों में मजबूती दिखी। बर्सा मलेशिया पर अगस्त CPO कॉन्ट्रैक्ट 82 रिंग्गित चढ़कर 3,921 MYR/टन पर बंद हुआ, जिसमें कमजोर रिंग्गित और क्रूड से समर्थन मिला।

वहीं, ICE कैनोला और यूरोनेक्स्ट रेपसीड—जो EPA घोषणा के समय खुले थे—ने पॉलिसी का सीधा असर दिखाया। कैनोला में सूखे की आशंका और बायोडीजल मांग से तेजी रही, जबकि रेपसीड को टाइट सप्लाई और एनर्जी मार्केट से सपोर्ट मिला।अब जब CBOT सोया ऑयल के सभी कॉन्ट्रैक्ट्स 50 सेंट से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं, बाजार स्पष्ट रूप से एक संरचनात्मक तेजी के दौर में प्रवेश कर चुका है—जिसे अमेरिकी बायोडीजल पॉलिसी और सप्लाई टाइटनेस से मजबूती मिल रही है।


Surendra

Reporter - Khabre Aaj Bhi

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