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सेवराई/गाजीपुर : स्थानीय तहसील मुख्यालय के मुख्य नहर में गंदगी का अंबार लगे होने के कारण लोगों को संक्रामक बीमारियों के फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। यू तो मुख्य नहर में खेतो को सिंचाई के लिए पानी के लिए प्रयोग किया जाता है लेकिन इन दोनों या एक कूड़ा निस्तारण का मुख्य स्रोत हो गया है। तहसील मुख्यालय होने के बावजूद भी संबंधित अधिकारी कर्मचारियों के उदासीनता और लापरवाही के कारण स्थितियां और भी बद से बद्दतर हो गई हैं। जिससे किसानों में आक्रोश बना हुआ है।
क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि नहर के किनारे लगाए जाने वाले ठेले खोमचा एवं स्थानीय लोगो के द्वारा प्लास्टिक के कचरे और अन्य प्रकार के कूड़ा को नहर में ही फेंक दिया जा रहा है जिससे नहर गंदगी से पट गया है। इसमें कोई दो राय नहीं की गंदगी में कई जहरीले रसायन होने के कारण या खेतों मैं लगने वाले फसलों को नुकसान पहुंचाएगा साथ ही फसलों की वजह से लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ेगा। किसानों ने बताया कि संबंधित विभागीय अधिकारी से मिलीभगत कर नहर किनारे ठेले खोमचे वाले अपने दुकानों और घरों से निकलने वाले गंदगी को नहर में ही डाल देते हैं। जिस पर विभाग कभी भी अंकुश या दंडात्मक कार्रवाई नहीं करता जिसकी वजह से इनका मनोबल धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
स्थितियां ऐसी हो गई है कि नहर किनारे बने लोगों के घरो की नालियां भी नहर में ही गिराई जा रही हैं। जिससे खेतों की सिंचाई के लिए आने वाला पानी अब दूषित हो रहा है। इससे न सिर्फ फसलों को नुकसान पहुंचाने की संभावना है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा। क्षेत्रीय किसानों ने तहसील मुख्यालय के सामने मुख्य नहर के किनारे लगाए जाने वाले ठेले खून से वालों को सख्त निर्देश देते हुए नहर में कूड़ा ना फेंकने एवं फेक जाने पर आर्थिक दंड लगाने की कार्रवाई की मांग की है इसके साथ ही नहर की साफ सफाई की भी अपील किया है।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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