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सेवराई/गाजीपुर : गहमर थाना क्षेत्र के देवकली एवं बकैनिया गांव के पास रेलवे ट्रैक पर आरपीएफ के दो आरक्षियों के शव मिलने के मामले में जीआरपी मुगलसराय का अमानवीय चेहरा देखने को मिला। मंगलवार की देर शाम पीड़ित परिजनों द्वारा जब गहमर थाने में मौजूद जीआरपी सीओ प.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन कुंवर प्रभात सिंह को तहरीर दी गई तो उन्होंने अपने यहां मुकदमा लिखने से मना कर दिया। जिसको लेकर मृतक के परिजनों में जीआरपी के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
पुलिस कप्तान गाजीपुर के निर्देश पर गहमर थाने में मृतक आरपीएफ जवान जावेद खान के भाई तबरेज खान के तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुटी हुई है। पुलिस को दिए गए तहरीर में तबरेज खान ने बताया है कि उनका भाई जावेद मंगलवार की रात 1 बजे बाड़मेर गुवाहाटी एक्सप्रेस से मोकामा जाने के लिए निकला था कि किसी ने उसकी हत्या कर उसके शव को गहमर कोतवाली क्षेत्र के देवकली एवं बकैनिया गांव के समीप रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया है।
पुलिस ने पीड़ित के तहरीर पर धारा 103 बीएनएस से तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही कर रही है। गहमर कोतवाल अशोक मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है मामले की जांच सघनता पूर्वक की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
प. डीडीयू जंक्सन पर तैनात आरपीएफ के दो आरक्षी प्रमोद कुमार और जावेद खान मंगलवार की रात मोकामा जाने के लिए 1 बजकर 4 मिनट पर बाड़मेर गुवाहाटी एक्सप्रेस के एसी बी-2 में सवार हुए थे। अधिकारियो और लोगो द्वारा यह कयास लगाया जा रहा है कि ट्रेन के अंदर कोई घटना हुई होगी इसके बाद हत्यारे उनकी हत्या कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिए होंगे।
जांच के दौरान मृत आरक्षी जावेद का हेडफोन और पैर का जूता धीना स्टेशन के पास मिला है तो वही दोनों आरपीएफ जवानों के पिठ्ठू बैग को सिलीगुड़ी स्टेशन पर एसी बी-2 बोगी के 7 नबर सीट से बरामद किया गया है। मंगलवार की रात आरपीएफ के डीआईजी हाजीपुर एस लुइस अनुथन मौके पर पहुच कर घटनास्थल का निरीक्षण किये। वैसे संदिग्ध परिस्थितियों में हुई जवानों की मौत लोगों के गले के नीचे नहीं उतर रही है। जहां आरपीएफ व स्थानीय पुलिस इस प्रकरण में कुछ भी बोलने से बच रहा है। वहीं दूसरी तरफ लोगों के द्वारा शराब माफियाओं के द्वारा ही जवानों की हत्या का कयास लगाया जा रहा है।
आरपीएफ जवान जावेद की शव पैतृक गांव देवैथा पहुंचने पर ग्रामीणों में कोहराम मच गया ,पुश्तैनी कब्रिस्तान में सुपुर्दे ख़ाक किया गया
आरपीएफ जवान जावेद की हत्या के बाद पोस्टमार्टम उपरांत शव पैतृक गांव देवैथा पहुंचने पर ग्रामीणों में कोहराम मच गया। सैकड़ो की संख्या में युवा मोटरसाइकिल से तिरंगा झंडा लेकर पार्थिव शरीर की अगवानी कर रहे थे। गांव पहुंचने के बाद सैकड़ो की संख्या में मौजूद ग्रामीणों के द्वारा मुस्लिम रीति रिवाज से उनके मिट्टी को पुश्तैनी कब्रिस्तान में सुपुर्दे ख़ाक किया गया।
इससे पूर्व जमानिया विधायक ओम प्रकाश सिंह प्रतिनिधि मन्नू सिंह एवं आरपीएफ मानस नगर पोस्ट इंस्पेक्टर डीडीयू रंजीत कुमार, यार्ड पोस्ट पंकज कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर दिलदारनगर बाल गंगाधर व अन्य अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा उन्हें उसे पुष्प चक्र अर्पित करते हुए सलामी दी गई। इस दौरान पति के शव देखकर पत्नी गुलिस्ता खातून कई बार बेसुध हो जा रहे थे जिसे आसपास की महिलाओं के द्वारा संभाल जा रहा था वहीं मृतक जवान जावेद खान की मां नजमा खातून का भी रोकर बुरा हाल था। मृतक जवान जावेद खान के अंतिम संस्कार के दौरान करीब हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
जावेद की मासूम पुत्री जैनब अपने पिता के मौत से अनजान थी और कहा कि अब्बा ने इस बार आते वक्त टॉफी लाने का वादा किया था लेकिन वह मुझसे बिना मिले ही चले गए। मासूम की बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें डबडबा गई। दोनों आरपीएफ जवानों की हत्या के मामले को लेकर गहमर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के बाद गहमर पुलिस छानबीन में जुट गई है।
इस बाबत कोतवाल अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के लिए करीब पांच टीमों का गठन किया गया है। आरपीएफ, जीआरपी पुलिस सहित एसओजी व जनपद की पुलिस भी मामले में छानबीन कर रही है। जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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