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जमानियां/गाजीपुर : स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर में शिक्षक एवं कर्मचारी सम्मान समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व संस्कृत विभागाध्यक्ष के सेवानिवृत्त विद्वान प्रोफेसर विमला देवी तथा महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ0 श्रीनिवास सिंह ने मां सरस्वती एवं महान शिक्षाविद डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर राजनीति विभाग के वरिष्ठ आचार्य मदन गोपाल सिन्हा द्वारा क्रमश: डॉ0 अरूंधती त्रिवेदी, डॉ0 शुभ्रा सिंह, डॉ0 उर्वशी दत्ता डॉ0 रवीन्द्र मिश्र डॉ0 अरुण कुमार सिंह डॉ0 अरुण कुमार सिंह,अभिषेक तिवारी, अमित कुमार सिंह,दिग्विजय सिंह,वीरेन्द्र कुमार, संतोष शर्मा इन्द्रभान सिंह को अप्रतिम सेवाओं के लिए अंग वस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मदन गोपाल सिन्हा ने मुख्य अतिथि प्रो. विमला देवी का स्वागत किया का स्वागत किया तथा गोष्ठी के विषय "घटता धैर्य बढ़ती असहिष्णुता" पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम को आगे बढा़ते हुए डॉ0 राकेश कुमार सिंह ने कहा कि धैर्य व सहिष्णुता की कमी से अच्छे संस्कार जीवन में विकसित नहीं हो सकते। धैर्य और सहिष्णुता को दिल व दिमाग में सहेजकर रखने की जरूरत है तभी हम संस्कारवान कहलाएंगे और आगे की पीढ़ी भी सहिष्णुता का मार्ग अपनाएगी, जिससे एक संस्कारमय देश का विकास भी तेजी से होगा। हिंदी विभागाध्यक्ष वरिष्ठ प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा "शास्त्री" ने कहा कि समाज की नैतिक प्रगति तभी होती है जब व्यक्ति दूसरों के प्रति सहिष्णु व्यवहार करता है तो धीरे-धीरे दूसरों को भी इससे प्रेरणा मिलती है कि वे भी अन्य लोगों के प्रति सहिष्णु व्यवहार करें इससे चिंतन व अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलता है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह ने कहा कि शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को उनके उत्तरदायित्व एवं कर्तव्यों का बोध कराया। कार्यक्रम का संचालन समाजशास्त्र के प्राध्यापक डॉ0 राकेश कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ आचार्य मदन गोपाल सिन्हा ने किया। इस अवसर पर समस्त प्राध्यापक गण कर्मचारी गण उपस्थित थे।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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