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सेवराई : ( गाजीपुर )इस्लाहे मुआशरा कमसार - ओ - बार गंगा एवं कर्मनाशा पार कमेटी की बारा शाखा की ओर से रविवार को दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा गौसिया बारा में स्वागत समारोह आयोजित की गई। इसमें मरकजी कमेटी इस्लाहे मुआशरा कमसार - ओ - बारा गंगा एवं कर्मनशा पार के पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। इसमें समाज में फैली कुरीतियों को दूर तथा निकाह को आसान बनाने के साथ गैर रीती रिवाज पर रोक लगाने एवं फिजूल रस्मों को खत्म करने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज शाहआलम की तिलावते कलाम पाक से हुई। हाफिज महफूज आलम ने स्वागत गीत पढ़कर पदाधिकारियों का अभिनन्दन किया। सरवत महमूद खां ने अपने संबोधन में बारा और इस्लाहे मुआशरा के ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए मरकजी कमेटी इस्लाहे मुआशरा का बारा के प्रस्ताव पर ध्यान आकृष्ट कराया। मरकजी कमेटी के सदस्य और उसिया इस्लाहे मुआशरा कमेटी के सेक्रेटरी तुफैल खां ने बारा के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि मरकजी कमेटी प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बिरादरी की गठित कमेटी का निर्णय सर्वमान्य होगा।
कार्यक्रम को अबुबकर खां बेचन,नियाज खां इंजीनियर, माशूक खां, शकील खां आदि वक्ताओं ने इस्लाह - ए - मुआशरा कमसार - ओ - बार गंगा एवं कर्मनाशा पार के उद्देश्यों और शादी में फिजूल खर्ची पर पाबंदी लगाने के लिए आह्वान किया। इस दौरान मरकजी कमेटी द्वारा बारा कमेटी का गठन किया गया। इस अवसर पूर्व प्रधान बारा शकील खां, वासिल खां, शाहनवाज़ खां, हाजी मंसूर अली खां, इसरार खां, इक़बाल खां, हाजी इश्तियाक खां, रशीद खां प्रधान,हारून रशीद खां, डॉक्टर खालिद खां, हाजी तसवर खां, अलीशेर खां आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी इस्लाम खां और संचालन हैदर खां ने किया।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
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