To view this video please enable JavaScript, and consider upgrading to a web browser that supports HTML5 video
By : शाकिर अंसारी
मुगलसराय : (चंदौली)1444 साल पहले इराक के कर्बला शहर में उसवक्त के दुर्दांत आतंकवादी यजीद ने इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों को तीन दिन का भूखा प्यासा शहीद कर दिया था । उनकी याद में शिया मुसलमान हर वर्ष मोहर्रम माह में गम मनाते हैं । इसी क्रम में दुलहीपुर स्थित जाफरी स्ट्रीट में 1 मोहर्रम (31 जुलाई) से मजलिस और जुलूसों का सिलसिला शुरू है ।
इसी क्रम में रविवार की सुबह इमामबाड़ा मोहम्मद अब्बास से दुलदुल का जुलूस उठा । जुलूस में सभी सम्प्रदाय के लोगों ने शिरकत की और दुलदुल को दूध-मलीदा खिलाकर मन्नत मांगी । जुलूस उठने से पूर्व गाजीपुर से आये मौलाना सैयद मोहम्मद ताहिर आब्दी ने मजलिस को खेताब फरमाया । बाद मजलिस अंजुमन सज्जादिया असगरिया ने नौहाख्वानी व मातम किया ।
वहीं, देर रात इमामबाड़ा आग नजफ अली में आलम व ताबूत का जुलूस उठा । जुलूस उठने के पहले मर्सिया ख्वा अल्हाज यासिर हैदर जाफरी ने मर्सिया पढ़ा और अंजुमन सज्जादिया असगरिया ने नौहा ख्वानी की ।
इस दौरान इम्तियाज हैदर जाफरी, अंजुमन के सेक्रेटरी अल्हाज यासिर हैदर जाफरी, एडवोकेट जाफर मेहंदी जाफरी, फैजी जाफरी, कासिम जाफरी, आसिफ जाफरी, राहिब जाफरी, मकसूद हसन, मुजम्मिल हुसैन, फजल अब्बास , शौकत हुसैन, काशिफ जाफरी, अजहर हुसैन, दानिश हुसैन, सलीम जैदी आदि लोग उपस्थित रहे ।
कल उठेगा 400 साल पुराना बड़ा ताजिया
अंजुमन सज्जादिया असगरिया के सेक्रेटरी यासिर हैदर जाफरी ने बताया कि 9 मोहर्रम की रात इमामबाड़ा आग नजफ अली साहब में रात 10 बजे 400 साल पुराना बड़ा ताजिया उठाया जाएगा । इस ताजिये में दस्तार बंधने के बाद क्षेत्र के सभी ताजियों में दस्तारबंदी की जाती है ।
Reporter - Khabre Aaj Bhi
0 followers
0 Subscribers