
‘घनी आबादी में प्रकल्प नहीं, तुर्भेकरों के हितों से समझौता नहीं’ — सुरेश कुलकर्णी
नवी मुंबई : तुर्भे स्टोअर स्थित डम्पिंग ग्राउंड पर प्रस्तावित CBG (Compressed Bio Gas) और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्प को लेकर तुर्भे में राजनीतिक और नागरिक आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नागरिकों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा, ऐसा स्पष्ट रुख अपनाते हुए शिवसेना ने इस प्रकल्प के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है।

शुक्रवार, 7 अगस्त को तुर्भे शिवसेना शाखा क्रमांक 1 में शिवसेना उपजिला प्रमुख तथा वरिष्ठ नगरसेवक सुरेश कुलकर्णी की प्रमुख उपस्थिति में नागरिकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में तुर्भेकरों ने उपस्थित होकर प्रस्तावित प्रकल्प का तीव्र विरोध किया।
नागरिकों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की कि CBG और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्प को घनी आबादी से तत्काल दूर स्थानांतरित किया जाए। यदि नागरिकों की मांग को नजरअंदाज किया गया, तो प्रशासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की चेतावनी भी दी गई।
इस अवसर पर सुरेश कुलकर्णी ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “हम CBG या वेस्ट-टू-एनर्जी प्रकल्प के तकनीकी रूप से विरोधी नहीं हैं। लेकिन तुर्भेकरों के स्वास्थ्य की कीमत पर कोई भी प्रकल्प स्वीकार नहीं किया जाएगा। घनी आबादी के बीच इस तरह की परियोजना स्थापित करना नागरिकों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हमारी मांग स्पष्ट है—यह प्रकल्प रिहायशी क्षेत्र से दूर ले जाया जाए।”
उन्होंने आगे कहा, “नागरिकों में यह भावना है कि कुछ लोगों के दबाव में प्रशासन इस प्रकल्प को तुर्भे में लाने का प्रयास कर रहा है। यदि प्रशासन ने तुर्भेकरों की आवाज नहीं सुनी, तो शिवसेना नागरिकों के साथ सड़क पर उतरेगी और इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगी।”
प्रदूषण और स्वास्थ्य के खतरे को लेकर नागरिक चिंतित
बैठक में नागरिकों ने प्रकल्प से संभावित वायु प्रदूषण, दुर्गंध, पर्यावरणीय प्रभाव तथा भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। नागरिकों का कहना है कि तुर्भे जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में किसी भी बड़े कचरा-प्रसंस्करण प्रकल्प को लागू करने से पहले स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
‘तुर्भेकरों के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए संघर्ष जारी रहेगा’
बैठक में उपस्थित नागरिकों ने शिवसेना के नेतृत्व में एकजुट होकर इस मुद्दे पर संघर्ष करने का संकल्प लिया। नागरिकों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल वर्तमान की समस्या के खिलाफ नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए है।
शिवसेना ने भी स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने प्रस्तावित प्रकल्प को घनी आबादी से दूर करने की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तीव्र किया जाएगा।

