
जौनपुर : “जीवन में सफलता हासिल करने के लिए केवल सपने देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन सपनों को पूरा करने के लिए अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ निरंतर प्रयास करना जरूरी है। जिस युवा के जीवन में लक्ष्य की स्पष्टता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव होता है, वह कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता का रास्ता बना सकता है।” यह संदेश लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने मोहम्मद हसन पीजी कॉलेज, जौनपुर में भारत रत्न एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दिया।
महाविद्यालय के सौदागर हॉल में ‘उड़ान कलाम मंच’ के अंतर्गत आयोजित प्रेरणादायी कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने युवाओं को जीवन में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि उसके लिए निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आवश्यक है। युवाओं को चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका साहसपूर्वक सामना करना चाहिए और राष्ट्रसेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बनाना चाहिए।कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को अपने सपनों को केवल कल्पनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए। ज्ञान, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के माध्यम से उन्हें साकार करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, असफलताओं से सीखने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने डॉ. कलाम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन ज्ञान, सादगी, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का अद्वितीय उदाहरण है। उनके विचार आज भी युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देते है कार्यक्रम का संयुक्त संचालन अहमद अब्बास खान एवं शादॉं जबीं ने किया। इस अवसर पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर विशाल सिंह, डॉ. शहनवाज खान, डॉ. कमरुद्दीन शेख, डॉ. जीवन यादव, आर.पी. सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. नीलेश सिंह, डॉ. सतीश दुबे, डॉ. प्रज्वलित यादव, डॉ. शाहिदा परवीन, डॉ. प्रेमलता गिरी, डॉ. प्रज्ञा मिश्रा, डॉ. अनुराग, डॉ. अब्दुल हलीम हाशमी, एकता यादव, संतोष सिंह, प्रवीण यादव सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

उड़ान कलाम मंच’ के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि डॉ. कलाम के सपनों का भारत तभी साकार होगा, जब युवा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, नवाचार, अनुशासन, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित करेंगे।

