
By : धीरेंद्र बहादुर सिंह
बस्ती : बस्ती जिले की बजाज चीनी मिल रुधौली के इकाई प्रमुख डॉ जेपी त्रिपाठी ने कृषकों को सलाह देते हुए गेट एवं केंद्र के गांव महुआ ,खजुआ, गौतम करहली ,भरवलिया ,कसैला पकड़ी ,पकड़ी बी,पालने, दौरा पत्ती ,के गांव में तेज हवा एवं बरसात के कारण गिरी गन्ना की फसल का निरीक्षण किया । साथ ही-साथ कुआनो नदी एवं मनोरमा नदी के बढ़ रहें जलस्तर से गन्ना फसल को बचाव हेतु कृषकों से चर्चा की और कहां की कृषक गन्ना बधाई एवं खेत में लगे पानी की निकासी आवश्यक कर दें जिससे गन्ना फसल को नुकसान से बचाया जा सके गन्ना गिरने पर उत्पादन पर असर पड़ता है जंगली जानवरों से फसल को नुकसान अधिक होता है और उपस्थित कृषकों से शरद कालीन गन्ना बुवाई करने के लिए अपील करते हुए कहा कि आप लोग अधिक से अधिक क्षेत्रफल में शरद कालीन गन्ना बुवाई करें शरद कालीन गन्ना बुवाई बसंत कालीन गन्ना बुवाई से अधिक उत्पादन कृषक को प्राप्त होता है सिंचाई पर लागत कम आती है और तोल पर्ची पेड़ी की प्राप्त होती है जिससे कृषक समय से गेहूं की बुवाई कर लेते हैं जंगली जानवरों से फसल को नुकसान भी काम होता है तथा रोग किट का प्रभाव नहीं पड़ता है और उत्पादन कृषक बेहतर प्राप्त होता है सीनियर गन्ना अधिकारी बाल सिंधु गगन पांडे ने कहा की कृषक शरद कालीन गन्ना बुवाई हेतु अपना गन्ना बुवाई के लिए बीज सुपरवाइजर से संपर्क करके अवश्य रिजर्व कर ले जिससे हम उन्हें समय से गन्ना बीज उपलब्ध करा के अधिक से अधिक क्षेत्रफल में गन्ना बुवाई करासके फील्ड सुपरवाइजर लगातार गांव-गांव में शरद कालीन गन्ना बुवाई के लिए कृषको को जागरुक कर रहे हैं इकाई प्रमुख के निर्देशों का पालन किया जा रहा है और टीम गठित कर बढ़ रहे नदी के जलस्तर की निगरानी प्रतिदिन की जा रही है और उसकी रिपोर्ट चीनी मिल को उपलब्ध करा दी जा रही है फसल के नुकसान का आकलन नदी का जलस्तर घटने पर ही किया जा सकता है इस दौरान गन्ना अधिकार एस,बी शुक्ल समेत क्षेत्रीय कृषक उपस्थित रहें।


